अमेरिकी सरकार के एजेंडे के हिसाब से काम करता है ओसीसीआरपी

विश्व के छह महाद्वीपों में पत्रकारों का एक नेटवर्क है, जो अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञ हैं।

अमेरिकी सरकार के एजेंडे के हिसाब से काम करता है ओसीसीआरपी


नई दिल्ली, आइएएनएसः आर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (ओसीसीआरपी) अपनी नकारात्मक रिपोर्ट्स को लेकर पिछले कुछ महीनों से चर्चा में बना हुआ है। इस संगठन ने कुछ महीने पहले भारत के बड़े कारोबारी समूह को भी टारगेट किया था।
ओसीसीआरपी को 2007 में स्थापित किया गया था।

इसका दावा है यह विश्व के छह महाद्वीपों में पत्रकारों का एक नेटवर्क है, जो अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञ हैं। वह पूरी तरह से स्वतंत्र तरीके से काम करता है। हाल ही में फ्रांसीसी अखबार 'मीडियापार्ट' की ओसीसीआरपी पर जारी हुई खोजी रिपोर्ट में बताया गया कि यह एक अमेरिकी सरकार के प्रभाव वाला संगठन है।


'द हिडेन लिंक्स बिटवीन जायंट आफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म एंड यूएस गवर्मेंट' नामक शीर्षक से प्रकाशित हुई रिपोर्ट में कहा गया कि जो बाइडन के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार से इस संगठन को काफी वित्तीय मदद मिली है। अमेरिकी सरकार से फंड मिलने के कारण ओसीसीआरपी का फोकस रूस और वेनेजुएला के मुद्दों पर होता है,


जिन्हें अमेरिका अपना विरोधी मानता है। रिपोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, वेनेजुएला के भ्रष्टाचार को सामने लाने के लिए ओसीसीआरपी के बैंक खाते में 1,73,324 डालर पहुंचाए गए थे।