योगी आदित्यनाथ का बयान, हिन्दू पर्व के जुलूस मुस्लिम इलाकों से क्यों नहीं निकल सकते,
समाचार: योगी आदित्यनाथ का बयान, हिन्दू पर्व के जुलूस मुस्लिम इलाकों से क्यों नहीं निकल सकते,
योगी आदित्यनाथ का बयान: "हिन्दू पर्व के जुलूस मुस्लिम इलाकों से क्यों नहीं निकल सकते?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक बयान हाल ही में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "अगर मुस्लिम पर्व-त्योहार के जुलूस हिन्दू इलाकों से निकल सकते हैं, तो हिन्दू पर्व-त्योहार के जुलूस मुस्लिम इलाकों से क्यों नहीं निकल सकते?"
मुख्यमंत्री ने यह बयान प्रदेश में धार्मिक सौहार्द और समरसता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य समाज में एकता और भाईचारा स्थापित करना है, लेकिन इस प्रक्रिया में समानता का पालन भी आवश्यक है।
विपक्ष का जवाब
योगी आदित्यनाथ के इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने उनकी आलोचना की है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह बयान समाज को बांटने और धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने वाला है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री पर "बांटने और काटने की राजनीति" करने का आरोप लगाया है।
वहीं, योगी आदित्यनाथ के समर्थकों ने इस बयान का समर्थन किया है। उन्होंने इसे धार्मिक समानता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक कदम बताया है।
"न बटेंगे न कटेंगे" की राजनीति
कुछ संगठनों और नागरिक समूहों ने मुख्यमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में विभाजन को बढ़ावा देते हैं। समूहों का कहना है, "हम न बटेंगे और न कटेंगे। इस तरह की राजनीति को खारिज किया जाना चाहिए।"
मुख्यमंत्री के इस बयान ने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक बहस को फिर से तेज कर दिया है। जहां एक ओर समर्थक इसे न्याय और समानता का मुद्दा बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक इसे धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति करार दे रहे हैं।