भूकंप क्यों आता है? कारण और वैज्ञानिक बात जानिए
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भूकंप क्यों आता है? कारण और वैज्ञानिक व्याख्या
भूकंप पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों (Tectonic Plates) की हलचल के कारण आता है। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती हैं या अलग होती हैं, तो विशाल ऊर्जा उत्पन्न होती है, जो धरती की सतह तक पहुंचकर झटकों (Seismic Waves) के रूप में महसूस होती है।
भूकंप आने के मुख्य कारण:
1. टेक्टोनिक प्लेटों की गति (Tectonic Plate Movement)
- पृथ्वी की ऊपरी सतह कई विशाल प्लेटों में विभाजित है, जो निरंतर गतिशील रहती हैं।
- जब ये प्लेटें आपस में टकराती या खिसकती हैं, तो ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जिससे भूकंप आता है।
- हिमालय क्षेत्र, जापान, इंडोनेशिया आदि क्षेत्र टेक्टोनिक रूप से सक्रिय हैं, इसलिए यहां अधिक भूकंप आते हैं।
2. ज्वालामुखी विस्फोट (Volcanic Eruption)
- जब ज्वालामुखी विस्फोट होता है, तो मैग्मा और गैसों के दबाव के कारण धरती की सतह हिलती है।
- यह कंपन भूकंप के झटकों के रूप में महसूस किया जाता है।
3. भू-स्खलन और खदानों में विस्फोट (Landslides & Mining Explosions)
- जब किसी पहाड़ या बड़े भूभाग का अचानक खिसकना या गिरना होता है, तो यह कंपन पैदा करता है।
- कोयला खदानों और खनन कार्यों के कारण भी छोटे भूकंप आ सकते हैं।
4. कृत्रिम गतिविधियां (Human Activities)
- परमाणु परीक्षण, भारी निर्माण कार्य, जलाशयों और बांधों में अत्यधिक जलभराव आदि से भी इंड्यूस्ड अर्थक्वेक (Induced Earthquake) हो सकते हैं।
भूकंप की तीव्रता कैसे मापी जाती है?
भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल (Richter Scale) पर मापा जाता है:
- 3.0 से कम – हल्के झटके, महसूस नहीं होते
- 3.0 - 5.0 – हल्के कंपन, हल्का नुकसान
- 5.0 - 7.0 – मध्यम तीव्रता, इमारतों को नुकसान
- 7.0 से अधिक – विनाशकारी भूकंप, बड़ी तबाही मचाने की क्षमता
भूकंप एक प्राकृतिक घटना है जो पृथ्वी के अंदर चल रही गतिशील प्रक्रियाओं का परिणाम होती है। नेपाल, भारत, जापान और इंडोनेशिया जैसे देश भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। सुरक्षा के लिए लोगों को भूकंपरोधी इमारतों का निर्माण करना चाहिए और आपातकालीन उपायों की जानकारी रखनी चाहिए।