सऊदी अरब ने 14 देशों पर लगाया वीजा बैन, भारत-पाकिस्तान भी शामिल
Saudi Arabia imposed visa ban on 14 countries including India and Pakistan, सऊदी अरब ने 14 देशों पर लगाया वीजा बैन, भारत-पाकिस्तान भी शामिल
सऊदी अरब ने 14 देशों पर लगाया वीजा बैन, भारत-पाकिस्तान भी शामिल
हज के दौरान अव्यवस्था और गैरकानूनी ठहराव रोकने के लिए उठाया कदम
सऊदी अरब ने भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत कुल 14 देशों के नागरिकों के लिए वीजा जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब हज यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं और पहले की घटनाओं से सबक लेते हुए सऊदी प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
जिन देशों पर यह वीजा बैन लागू हुआ है, उनमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, इराक, नाइजीरिया, जॉर्डन, अल्जीरिया, सूडान, इथियोपिया, ट्यूनीशिया, यमन और मोरक्को शामिल हैं।
हज में अव्यवस्था रोकना उद्देश्य
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला उन व्यक्तियों को रोकने के लिए लिया गया है जो हज का रजिस्ट्रेशन किए बिना उमराह या टूरिस्ट वीजा पर सऊदी अरब पहुंच जाते हैं और फिर हज में गैरकानूनी रूप से भाग लेते हैं। इससे भीड़ नियंत्रण में बाधा आती है और तीर्थस्थलों पर अव्यवस्था फैलती है।
सऊदी अधिकारियों का कहना है कि बीते वर्षों में कई विदेशी नागरिक हज की आधिकारिक प्रक्रिया को दरकिनार कर देश में रुकते आए हैं। इस वजह से तीर्थस्थलों पर अत्यधिक भीड़ जुटती है, जो सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों दृष्टि से खतरनाक है।
उमराह वीजा धारकों के लिए राहत
हालांकि उमराह वीजा रखने वाले नागरिकों को कुछ राहत दी गई है। वे 13 अप्रैल तक सऊदी अरब में प्रवेश कर सकते हैं। इसके बाद हज से संबंधित कड़े नियम लागू हो जाएंगे।
पिछली घटनाओं से सबक
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में हज के दौरान गर्मी और भीड़ की वजह से कम से कम 1,200 तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी। इनमें से कई के पास न तो हज परमिट था और न ही वे किसी आधिकारिक एजेंसी के माध्यम से आए थे। इसी तरह की त्रासदी से बचने के लिए इस बार सऊदी प्रशासन पहले से सतर्क हो गया है।
सऊदी अरब का यह कदम हज व्यवस्था को सुरक्षित, सुचारु और नियंत्रित बनाए रखने की दिशा में एक गंभीर प्रयास है। हालांकि इससे लाखों श्रद्धालुओं की योजना प्रभावित हो सकती है, लेकिन प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह जरूरी भी माना जा रहा है। सऊदी सरकार ने सभी संबंधित देशों से अपील की है कि वे अपने नागरिकों को हज के लिए आधिकारिक प्रक्रिया अपनाने के लिए जागरूक करें।