भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा LAC

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भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा LAC

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हाल ही में हुए समझौते को महत्वपूर्ण इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में कहा था कि दोनों देशों ने 75% विवादों का समाधान कर लिया है, जबकि जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि छोटे मुद्दों पर सहमति हो गई है, लेकिन अब कठिन मामलों पर बातचीत हो रही है।

इस समझौते का मुख्य केंद्र बिंदु पैट्रोलिंग विवाद है, जो पूर्वी लद्दाख के डेमचोक और देपसांग क्षेत्रों में पैट्रोलिंग अधिकारों को लेकर है। 2020 के बाद से चीन द्वारा इस क्षेत्र में घुसपैठ के बाद से तनाव बना हुआ है। यह समझौता कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं का परिणाम है, और इससे LAC पर 2020 से पहले की स्थिति की बहाली की संभावना बन रही है।

रूस के कजान शहर में 22-23 अक्टूबर को ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच संभावित बैठक से पहले यह समझौता किया गया है। इस बैठक में सीमा विवाद के समाधान पर और चर्चा होने की उम्मीद है, जैसा कि पिछले साल जोहांसबर्ग में हुई वार्ता में हुआ था।

यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।