Dhumavati Jayanti 2025 धूमावती जयंती 3 जून को माता की कृपा से मिलेगा सब कुछ बस करें ये आसान उपाय
धूमावती जयंती 2025 3 जून को मनाई जाएगी। जानिए माता धूमावती के पूजा मंत्र, सरल उपाय और हवन विधि जिससे शत्रु बाधा, आर्थिक समस्याएं और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। माता की कृपा से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति प्राप्त करें।
Dhumavati Jayanti 2025: धूमावती जयंती 3 जून को, माता की कृपा से मिलेगा सब कुछ; बस करें ये आसान उपाय
धूमावती जयंती 2025 की तिथि नजदीक आ रही है। इस वर्ष यह पावन पर्व 3 जून 2025, मंगलवार के दिन मनाया जाएगा। हिन्दू धर्म के अनुसार, माता धूमावती दस महाविद्याओं में से एक हैं, जिन्हें विशेष रूप से तंत्र साधना की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। उन्हें विधवा का स्वरूप, ज्ञान की देवी, और जीवन के कठोर सत्य की प्रतीक माना जाता है। ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यह जयंती धूमधाम से मनाई जाती है।
इस अवसर पर अगर कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो साधक को शत्रु बाधा, आर्थिक संकट, रोग, दरिद्रता और जीवन की अन्य कठिनाइयों से मुक्ति मिल सकती है। आइए जानें, धूमावती जयंती पर किए जाने वाले सरल और प्रभावशाली उपायों के बारे में—
धूमावती माता का स्वरूप और महत्व
माता धूमावती का स्वरूप अन्य देवियों से अलग और रहस्यमय है। वे विधवा के रूप में विराजमान होती हैं, जो इस बात का प्रतीक है कि जीवन में अकेलेपन, दुःख और छाया के भी गहरे अर्थ होते हैं। वह न केवल तंत्र साधना की देवी हैं, बल्कि उन लोगों की आराध्य भी हैं जो सांसारिक मोह, छल, कपट और भौतिक सुखों से ऊपर उठकर आत्मज्ञान की ओर अग्रसर होते हैं।
धूमावती जयंती 2025 पर करें ये आसान उपाय
1. मंत्र जप से मिलेगा आशीर्वाद
धूमावती माता की कृपा पाने के लिए इस दिन एकांत और शांत वातावरण में बैठकर निम्न मंत्र का जप करें:
"ॐ धूं धूं धूमावती देव्यै स्वाहा"
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यह जप आप अपनी सामर्थ्य अनुसार 21, 51, 108 या 1008 बार कर सकते हैं।
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यह मंत्र जीवन से नकारात्मकता, दरिद्रता और मानसिक बाधाओं को दूर करता है।
2. उड़द की खिचड़ी का भोग लगाएं
धूमावती माता को उड़द की खिचड़ी विशेष प्रिय मानी जाती है। इस दिन उन्हें यह भोग अर्पित करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और रुके हुए कार्य सिद्ध होने लगते हैं।
3. घी और नीम के पत्तों से हवन
यदि आप आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो धूमावती जयंती के दिन घी और नीम की पत्तियों से हवन करें। हवन करते समय माता का ध्यान करें और यह प्रार्थना करें कि आपके जीवन में स्थिरता और समृद्धि आए।
4. शत्रुओं से मुक्ति के लिए राई-सेंधा नमक से होम
जो लोग शत्रुओं की साजिश या नकारात्मक शक्तियों से परेशान हैं, उन्हें इस दिन राई और सेंधा नमक को मिलाकर होम करना चाहिए। यह उपाय शत्रु नाशक माना जाता है और इसके प्रभाव से विरोधियों का प्रभाव कमजोर होता है।
5. गुड़ और गन्ने से हवन करें धन प्राप्ति के लिए
यदि आप जीवन में धन, समृद्धि और कर्जमुक्ति की कामना रखते हैं, तो इस दिन गुड़ और गन्ने को हवन में अर्पित करें। इससे धन के मार्ग प्रशस्त होते हैं और पुराने कर्ज से राहत मिल सकती है।
♂️ ध्यान और साधना के लाभ
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धूमावती माता का ध्यान करने से नकारात्मक ऊर्जा और भूत-प्रेत बाधा से रक्षा होती है।
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मन को शांति और स्थिरता मिलती है।
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गुप्त नवरात्रि में की गई साधना से भक्त को गूढ़ ज्ञान और तंत्रविद्या में सफलता मिलती है।
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मानसिक शुद्धता और आत्मबल की प्राप्ति होती है।
धूमावती माता की साधना से जुड़े कुछ खास तथ्य
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माता को आमतौर पर तंत्र साधकों द्वारा पूजित किया जाता है।
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वे उन लोगों की आराध्य हैं, जो दुख, त्याग, एकांत और आत्मचिंतन के मार्ग पर अग्रसर हैं।
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उनकी पूजा रात्रिकाल में या गुप्त रूप से करना अधिक फलदायी माना जाता है।
धूमावती जयंती 2025 पंचांग अनुसार
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तिथि: 3 जून 2025, मंगलवार
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तिथि प्रारंभ: 2 जून 2025, रात्रि में
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तिथि समाप्ति: 3 जून 2025, रात तक
धूमावती जयंती एक ऐसा विशेष अवसर है जब हम अपने जीवन से दुःख, बाधाएं और नकारात्मकता को दूर करने के लिए माता की शरण में जा सकते हैं। इस दिन किए गए साधारण से उपाय भी अत्यंत प्रभावी सिद्ध होते हैं यदि उन्हें श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाए। चाहे आपकी समस्या आर्थिक हो, मानसिक हो, या शत्रु बाधा — धूमावती माता की उपासना में अपार शक्ति है।
इस धूमावती जयंती पर, माता से प्रार्थना करें — जीवन में स्थिरता, समृद्धि और आत्मज्ञान की प्राप्ति हो।