भारत में 'वक्फ की जमीनों' पर बोले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर – तुष्टीकरण की राजनीति पर दी चेतावनी

Narrator Devkinandan Thakur spoke on Waqf lands in India, भारत में 'वक्फ की जमीनों' पर बोले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर – तुष्टीकरण की राजनीति पर दी चेतावनी

भारत में 'वक्फ की जमीनों' पर बोले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर – तुष्टीकरण की राजनीति पर दी चेतावनी

भारत में 'वक्फ की जमीनों' पर बोले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर – तुष्टीकरण की राजनीति पर दी चेतावनी

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने एक बार फिर अपने बयान से सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। वक्फ संशोधन को लेकर जारी बहस के बीच ठाकुर ने वक्फ की जमीनों पर सवाल उठाते हुए भारत के "पाकिस्तान या बांग्लादेश" बनने की आशंका तक जता दी। उनका कहना है कि देश में वक्फ बोर्ड के पास इतनी जमीन है, जितनी पाकिस्तान के पास है। उन्होंने यह भी दावा किया कि "एक पाकिस्तान पाकिस्तान में है और एक पाकिस्तान हिंदुस्तान में, और वो वक्फ बोर्ड बनने के कारण है।"

देवकीनंदन ठाकुर ने तुष्टीकरण की राजनीति पर सीधा हमला करते हुए कहा कि अगर बहुसंख्यकों की आवाज को यूं ही दबाया गया, तो एक दिन ऐसा आएगा जब सनातनी राजनीति में किसी को टिकने नहीं देंगे। उन्होंने कहा, "हमारा देश न जाने किस दिन पाकिस्तान बन जाए और किस दिन बांग्लादेश बन जाए... इसका जिम्मेदार आप और हम सभी होंगे।"

सनातन बोर्ड की पैरवी कर रहे ठाकुर ने वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे पक्षों पर तीखा हमला बोला और चेतावनी दी कि अगर तुष्टीकरण की राजनीति बंद नहीं हुई, तो इसका परिणाम देश को भुगतना पड़ेगा।

हालांकि, देवकीनंदन ठाकुर के इस बयान को कई लोग तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक भी मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आने वाली संपत्तियां सार्वजनिक रिकॉर्ड में दर्ज हैं और उनके इस्तेमाल की भी एक नियामक प्रक्रिया है। बावजूद इसके, ठाकुर का यह बयान एक बड़े वर्ग के भीतर आक्रोश और असंतोष को स्वर देने की कोशिश मानी जा रही है।

ठाकुर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में धार्मिक ध्रुवीकरण को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। उनके इस बयान से साफ है कि धार्मिक मुद्दों पर सनातन समाज के भीतर बढ़ती बेचैनी अब खुलकर सामने आ रही है।

वक्फ बोर्ड और तुष्टीकरण की राजनीति पर देवकीनंदन ठाकुर की यह तीखी टिप्पणी आने वाले दिनों में सियासी माहौल को और गर्म कर सकती है।