अंतरिक्ष में परमाणु हमले की क्षमता विकसित कर रहा है रूस

अमेरिका के अधिकारियों ने न्यूयार्क टाइम्स को बताया कि उपग्रह रूसी अंतरिक्ष हथियार के लिए कंपोनेंट का परीक्षण कर रहा है। यूएस स्पेस कमांड खतरे के संकेत के तौर पर रोजाना इसकी निगरानी कर रही है।

अंतरिक्ष में परमाणु हमले की क्षमता विकसित कर रहा है रूस
पृथ्वी के चारों ओर आर्बिट की बाहरी सीमा पर एक रहस्यमय रूसी उपग्रह कास्मोस 2553 मंडरा रहा है। इस उपग्रह ने यह आशंका पैदा कर दी है कि रूस परमाणु हथियारों को लांच करने के लिए अंतरिक्ष आधारित प्लेटफार्म विकसित कर रहा है। इसके जरिये वह अंतरिक्ष में बड़ी संख्या में उपग्रहों को नष्ट कर सकता है, जिससे पृथ्वी पर अव्यवस्था फैल जाएगी।


अमेरिका की खतरे पर है नजर
अमेरिका के अधिकारियों ने न्यूयार्क टाइम्स को बताया कि उपग्रह रूसी अंतरिक्ष हथियार के लिए कंपोनेंट का परीक्षण कर रहा है। यूएस स्पेस कमांड खतरे के संकेत के तौर पर रोजाना इसकी निगरानी कर रही है। फरवरी 2022 में रूस के प्लेसेत्स्क कास्मोड्रोम से सोयुज-2 राकेट के ऊपर वायुमंडल के माध्यम से कास्मोस 2553 उपग्रह लांच किया गया था। इसने खुद को लगभग 2,000 किलोमीटर ऊपर लो-अर्थ आर्बिट (एलईओ) के बिल्कुल किनारे पर स्थापित कर लिया है। एलईओ वैन एलन बेल्ट का विकिरण से भरा हुआ क्षेत्र है, जो उपग्रह के कंपोनेंट को खराब कर सकता है। अंतरिक्ष के इस क्षेत्र में निष्क्रिय या सेवा से हटाए गए उपग्रहों को चुपचाप मरने के लिए 'ग्रेवयार्ड आर्बिट' में भेजा जाता है। इसलिए कास्मोस 2553 का कक्षीय पथ अमेरिका की एजेंसियों में संदेह पैदा कर रहा है।