भारत-पाक क्रिकेट मैच पर गरमाई सियासत: विपक्ष का सरकार पर हमला – "सेना के खून पर मुनाफा कमाना बंद करो"
भारत-पाक क्रिकेट मैच को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस मैच को शहीदों का अपमान बताया और बीसीसीआई पर तीखा हमला बोला। मैच के बहाने सरकार पर 'सेना के खून पर मुनाफा' कमाने का आरोप लगाया गया है। Politics heats up over India Pakistan cricket match Opposition attacks the government, भारत-पाक क्रिकेट मैच पर गरमाई सियासत: विपक्ष का सरकार पर हमला – "सेना के खून पर मुनाफा कमाना बंद करो"
भारत-पाक क्रिकेट मैच पर गरमाई सियासत: विपक्ष का सरकार पर हमला – "सेना के खून पर मुनाफा कमाना बंद करो"
नई दिल्ली:
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर देश की सियासत एक बार फिर गर्म हो गई है। पहलगाम आतंकी हमले के चार महीने बाद इस मैच के आयोजन को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार और बीसीसीआई पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी नेताओं ने खेलों में भी पाकिस्तान के पूर्ण बहिष्कार की मांग की है और इस मैच को शहीदों का अपमान बताया है।
प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा हमला
शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बीसीसीआई को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
“प्रिय बीसीसीआई, याद रखिए हम सभी भारतीय क्रिकेट के मैदान पर पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की बातचीत का विरोध करेंगे, चाहे आप इसे किसी भी देश में लेकर जाएं। भारतीयों और भारतीय सशस्त्र बलों के खून पर अपना मुनाफा कमाना बंद कीजिए।”
उन्होंने कहा कि एक तरफ देश के CDS ऑपरेशन सिंदूर के जारी रहने की बात कर रहे हैं, और दूसरी तरफ बोर्ड "मुनाफे की दौड़" में लगा है।
सांसद सुखदेव भगत का बयान
झारखंड के लोहरदगा से सांसद सुखदेव भगत ने कहा:
"कई लोग कहते हैं कि खेलों को राजनीति से अलग रखा जाए, लेकिन पाकिस्तान की करतूतों ने देशभक्ति और राष्ट्रीय भावना को आहत किया है। जब तक पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसे मैच नहीं होने चाहिए।"
लीजेंड्स टूर्नामेंट में भी हुआ विरोध
हाल ही में इंग्लैंड में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाला एक मैच रद्द करना पड़ा, क्योंकि हरभजन सिंह, इरफान पठान और शिखर धवन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने पहलगाम हमले का हवाला देते हुए खेलने से इनकार कर दिया था।
मोहम्मद अजहरुद्दीन का संतुलित रुख
पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कहा:
"अगर आप द्विपक्षीय मैच नहीं खेल रहे हैं, तो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भी नहीं खेलना चाहिए। लेकिन अंतिम फैसला सरकार और बोर्ड का होगा।"
क्या है विवाद का केंद्र?
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पहलगाम आतंकी हमला देश की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाला बड़ा हमला था।
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इसके जवाब में सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया।
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अब भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच की घोषणा को विपक्ष सुरक्षा बलों के बलिदान के अपमान के रूप में देख रहा है।
यह विवाद केवल एक क्रिकेट मैच तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रवाद, सैन्य सम्मान और राजनीतिक नैतिकता के व्यापक मुद्दों को सामने ला रहा है। आने वाले दिनों में यह बहस और तेज हो सकती है।
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