बम नहीं, अन्न बरसा: 5000 फीट की ऊंचाई से C-130 हरक्यूलिस ने गाजा में गिराई राहत सामग्री

No bombs, food rained: C-130 Hercules dropped relief material in Gaza from a height of 5000 feet, बम नहीं, अन्न बरसा: 5000 फीट की ऊंचाई से C-130 हरक्यूलिस ने गाजा में गिराई राहत सामग्री

बम नहीं, अन्न बरसा: 5000 फीट की ऊंचाई से C-130 हरक्यूलिस ने गाजा में गिराई राहत सामग्री
बम नहीं, अन्न बरसा: 5000 फीट की ऊंचाई से C-130 हरक्यूलिस ने गाजा में गिराई राहत सामग्री

बम नहीं, अन्न बरसा: 5000 फीट की ऊंचाई से C-130 हरक्यूलिस ने गाजा में गिराई राहत सामग्री

गाजा:
गाजा के नीले आसमान में जब C-130 हरक्यूलिस जैसे विशाल सैन्य विमान ने उड़ान भरी, तो इस बार वह बम नहीं, बल्कि जिंदगी लेकर आया। रविवार को रॉयल जॉर्डनियन एयर फोर्स और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एयरफोर्स ने मिलकर गाजा में 25 टन से ज्यादा राशन और जरूरी मानवीय सहायता एयरड्रॉप के जरिए पहुंचाई।

जॉर्डन के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, इस बड़े ऑपरेशन में जॉर्डन के दो C-130 सैन्य विमान और यूएई का एक विशेष विमान शामिल रहा। ये विमान गाजा पट्टी के विभिन्न इलाकों में 5000 फीट की ऊंचाई से राहत सामग्री के पैकेट गिरा रहे थे। यह ऊंचाई इसलिए रखी गई ताकि विमानों को दुश्मन की फायरिंग रेंज से सुरक्षित रखा जा सके।

कैसे चला पूरा ऑपरेशन?
इस ‘एयरड्रॉप ऑपरेशन’ के तहत विमानों के पिछले हिस्से से कंटेनरों में बंधी सामग्री — जिसमें भोजन, दवाइयां और आवश्यक घरेलू सामान शामिल था — पैराशूट के जरिए नीचे गिराई गई। हवा में ये कंटेनर धीरे-धीरे जमीन की ओर उतरे ताकि नीचे मौजूद लोग इन्हें सुरक्षित तरीके से इकट्ठा कर सकें।

स्थानीय लोग, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे, इन पैकेट्स को जुटाते दिखे। कई जगहों पर राहत सामग्री को गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और राहत कर्मियों की निगरानी में भी वितरित किया गया।

127वीं बार गिरी मदद
जॉर्डन ने बताया कि इस अभियान के साथ ही गाजा में उसके एयरड्रॉप्स की कुल संख्या 127 हो चुकी है। यह युद्धग्रस्त क्षेत्र में आम नागरिकों तक मदद पहुंचाने की एक बड़ी और मानवीय कोशिश मानी जा रही है।

कहां से आती है मदद?
आमतौर पर ऐसी मानवीय सहायता अमेरिका, यूरोपीय देशों या संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा भेजी जाती है। इस बार जॉर्डन और यूएई ने मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया है।

इस संकट के बीच आसमान से बरसती राहत यह संदेश देती है — यह बम नहीं, अन्न है... जो जीवन की उम्मीद जगाता है।