किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास कर रही सरकार : शिवराज
किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास कर रही सरकार, Government is trying to increase the income of farmers,
किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास कर रही सरकार : शिवराज
किसानों के हित के लिए सरकार चला रही कई योजनाएं
दिल्ली में लागू नहीं हो रही हैं किसान हितैषी योजनाएं
कल्याण को तत्पर- राजस्थान के बाड़मेर में खोला जा रहा है 8.50 करोड़ रुपये के बजट से आइसीएआर- इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मिलेट रिसर्च, केंद्र प्रमुख समेत दो विज्ञानी नियुक्त
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास कर रही है और इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय की तुलना में कम नहीं है।
कृषि मंत्री ने कहा कि इस वर्ष भी खाद की सब्सिडी में कोई कमी नहीं होगी। अन्य बातों समेत सरकार का ध्यान कृषि उत्पादन बढ़ाने, इसकी लागत घटाने और फसल के उचित दाम सुनिश्चित करने पर है।
उन्होंने आगे बताया कि राजस्थान के बाड़मेर में 8.50 करोड़ रुपये के बजट से आइसीएआर- इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मिलेट रिसर्च खोला जा रहा है। इसमें केंद्र प्रमुख समेत दो विज्ञानियों को नियुक्त कर दिया गया है। इस संस्थान के लिए राजस्थान सरकार ने 98.8 एकड़ भूमि आवंटित की है।
दिल्ली सरकार नहीं लागू कर रही केंद्र की कृषि योजनाएं उन्होंने दिल्ली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार किसानों के हित में जारी केंद्र सरकार की कई योजनाओं को लागू नहीं कर रही है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली के किसानों को महत्वपूर्ण लाभों से दूर रखा जा रहा है। चौहान ने कहा, 'मैं दिल्ली सरकार से आग्रह करता हूं कि किसानों के फायदे के लिए किसान केंद्रित योजनाओं को लागू करें क्योंकि दिल्ली में खेती के लिए कृषि भूमि उपलब्ध है। हम आर्गेनिक खाद के लिए किसानों को डीबीटी के जरिये सीधे सहायता देंगे। दिल्ली में भी हम आर्गेनिक खेती करने में किसानों की पूरी मदद करेंगे।
एमएसपी की कानूनी गारंटी हो
कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में गठित कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण की स्थायी समिति ने संसद को कई सिफारिशों वाली एक व्यापक रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कहा गया है कि समिति कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से दृढ़ता से सिफारिश करती है कि जल्द से जल्द एमएसपी को कानूनी गारंटी के रूप में लागू करने के लिए एक रोडमैप घोषित करे। कानूनी रूप से तय एमएसपी ना केवल किसानों की आजीविका की सुरक्षा करेगी बल्कि ग्रामीण आर्थिक विकास को बढ़ाने के साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा बढ़ाएगी। फिलहाल सरकार ने 23 वस्तुओं के लिए एमएसपी तय की है जो कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिश पर आधारित हैं। समिति ने पीएम-किसान योजना के अंतर्गत किसानों को 6,000 रुपये की दी जाने वाली सालाना मदद को बढ़ाकर 12,000 रुपये करने का भी प्रस्ताव दिया है।