बीएससी-एमएससी नर्सिंग में प्रवेश प्रक्रिया शुरू
बीएससी-एमएससी नर्सिंग में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, Admission process started for बीएससी एमएससी Nursing
बीएससी-एमएससी नर्सिंग में प्रवेश प्रक्रिया शुरू
यहां करें ऑनलाइन आवेदन : वेबसाइट www.abvmuup.edu.in पर जाकर कॉमन नर्सिंग इंट्रेंस जाजिंग टेस्ट (सीएनईटी) 2025 पर क्लिक कर आवेदन किया जा सकता है। ■ इन जिलों में होगी परीक्षा आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, बांदा, गाजियाबाद, गोंडा, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर, वाराणसी और गौतमबुद्ध नगर।
26 अप्रैल तक किए जा सकेंगे ऑनलाइन आवेदन 21 मई को प्रदेश के 20 केंद्रों पर होगी परीक्षा लखनऊ। सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन 26 अप्रैल को 11.29 बजे तक भरे जा सकेंगे। प्रवेश परीक्षा 21 मई को होगी। फिर काउंसिलिंग के जरिये सरकारी और निजी कॉलेजों में दाखिला दिया जाएगा।
एसजीपीजीआई, लोहिया संस्थान, केजीएमयू, आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई और राजकीय एवं स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में 23 नर्सिंग कॉलेज हैं। इनमें चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम की कुल सीटें 1370 हैं। निजी क्षेत्र के 232 कॉलेजों में 10325 सीटें हैं। दो वर्षीय पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम की सरकारी में 50 और निजी कॉलेजों में 2003 सीटें हैं। एमएससी नर्सिंग की सरकारी क्षेत्र की 85 और निजी क्षेत्र में 756 सीटें हैं।
इन कॉलेजों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू है। इन सीटों पर प्रदेश स्तरीय संयुक्त नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के जरिये दाखिला दिया जाता है। प्रवेश परीक्षा अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विवि लखनऊ कराएगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद 14 मई को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे।
नर्सिंग के नए सत्र की चुनौतियां दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं है। सरकारी कॉलेजों में संकाय सदस्यों (अध्यापकों) की कमी बनी हुई है। ज्यादातर कॉलेजों में अभी तक छात्रों की संख्या के अनुसार लैब का भी इंतजाम नहीं है। बच्चों के ठहरने के लिए हॉस्टल नहीं बन पाए हैं। ऐसे में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होना तय है। यही हाल निजी नर्सिंग कॉलेजों का भी है। तमाम प्रयास के बाद भी वहां संसाधनों का अभाव बना हुआ है।