फिलीपींस में 6.7 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा नहीं

फिलीपीन भूकंप विज्ञान एजेंसी (PHIVOLCS) ने कहा कि इस भूकंप से नुकसान की आशंका नहीं है, लेकिन बाद में महसूस होने वाले झटकों की चेतावनी दी गई है। भूकंप के झटके स्थानीय समयानुसार सुबह महसूस किए गए, जिससे लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने लगे।

Aug 3, 2024 - 05:36
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फिलीपींस में 6.7 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा नहीं

फिलीपींस में 6.7 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा नहीं

फिलीपींस में शनिवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे मिंडानाओ द्वीप के पूर्वी तट पर लोगों में हड़कंप मच गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.7 मापी गई है। जीएफजेड (जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज) ने बताया कि भूकंप का केंद्र 10 किमी (6.21 मील) की गहराई पर था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने स्पष्ट किया कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है।

फिलीपींस प्रशांत महासागर के पश्चिमी हिस्से में स्थित है, जिसे 'रिंग ऑफ फायर' के नाम से जाना जाता है। इस क्षेत्र में भूकंप और ज्वालामुखी फटने जैसी घटनाएं सामान्य हैं। फिलीपीन भूकंप विज्ञान एजेंसी (PHIVOLCS) ने कहा कि इस भूकंप से नुकसान की आशंका नहीं है, लेकिन बाद में महसूस होने वाले झटकों की चेतावनी दी गई है। भूकंप के झटके स्थानीय समयानुसार सुबह महसूस किए गए, जिससे लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने लगे।

फिलीपींस में अक्सर भूकंप आते रहते हैं, लेकिन वहां के लोगों को हमेशा एक बड़े भूकंप का डर सताता है, जो बड़ी तबाही मचा सकता है। भूकंप के प्रति लोगों की जागरूकता और तैयारियों के बावजूद, एक बड़े भूकंप की संभावना को लेकर चिंताएं बनी रहती हैं। जापान की तरह यहां भूकंप-रोधी इमारतों का निर्माण नहीं हुआ है, जिससे 6.7 तीव्रता के भूकंप से भी संभावित नुकसान हो सकता है।

भूकंप का कारण और प्रभाव

भूकंप पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेट्स के बीच टकराव और घर्षण के कारण होते हैं। हमारी धरती के भीतर सात प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट्स हैं, जो लगातार अपने स्थान पर घूमती रहती हैं। कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण होता है, जिससे धरती पर भूकंप की घटनाएं होती हैं। फिलीपींस 'रिंग ऑफ फायर' में स्थित होने के कारण भूकंप की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र है।

नेशनल अर्थक्वेक इंफोर्मेशन सेंटर के अनुसार, हर साल दुनिया में लगभग 20 हजार भूकंप आते हैं, लेकिन उनमें से केवल 100 भूकंप ही ऐसे होते हैं, जिनसे बड़ा नुकसान होता है। इतिहास में सबसे लंबा भूकंप 2004 में हिंद महासागर में आया था, जो 10 मिनट तक महसूस किया गया था।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता का अनुमान लगाया जाता है। 0 से 1.9 की तीव्रता का भूकंप सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है, जबकि 2 से 2.9 की तीव्रता का भूकंप बहुत कम कंपन पैदा करता है। 3 से 3.9 की तीव्रता वाले भूकंप से ऐसा महसूस होता है जैसे कोई भारी वाहन पास से गुजर गया हो। 4 से 4.9 की तीव्रता से घर में रखा सामान गिर सकता है, जबकि 5 से 5.9 की तीव्रता से भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 की तीव्रता वाले भूकंप से इमारत का बेस दरक सकता है और 7 से 7.9 की तीव्रता से इमारतें गिर सकती हैं। 8 से 8.9 की तीव्रता वाले भूकंप से सुनामी का खतरा होता है और 9 या उससे अधिक की तीव्रता वाले भूकंप सबसे भीषण तबाही मचा सकते हैं।

फिलीपींस में आए इस भूकंप से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इससे वहां के लोगों में एक बड़े भूकंप की संभावना को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। भूकंप की घटनाओं से निपटने के लिए जागरूकता और तैयारी आवश्यक है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

क्यों आते हैं भूकंप?
हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। दरअसल, हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं।

हर साल दुनिया में आते हैं करीब 20 हजार भूकंप
हर साल दुनिया में करीब 20 हजार भूकंप आते हैं लेकिन उनकी तीव्रता इतनी ज्यादा नहीं होती कि लोगों को भारी नुकसान हो। नेशनल अर्थक्वेक इंफोर्मेशन सेंटर इन भूकंप को रिकॉर्ड करता है। जानकारी के मुताबिक, 20 हजार में से केवल 100 भूकंप ऐसे होते हैं, जिनसे नुकसान होता है। अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा देर तक रहने वाला भूकंप हिंद महासागर में 2004 में आया था। ये भूकंप 10 मिनट तक महसूस किया गया था। 

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता का अंदाजा कैसे लगा सकते हैं?
0 से 1.9 सीज्मोग्राफ से मिलती है जानकारी
2 से 2.9 बहुत कम कंपन पता चलता है
3 से 3.9 ऐसा लगेगा कि कोई भारी वाहन पास से गुजर गया
4 से 4.9 घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है 
5 से 5.9 भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है
6 से 6.9 इमारत का बेस दरक सकता है 
7 से 7.9 इमारतें गिर जाती हैं 
8 से 8.9 सुनामी का खतरा, ज्यादा तबाही
9 या ज्यादा सबसे भीषण तबाही, धरती का कंपन साफ महसूस होगा

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@Dheeraj kashyap युवा पत्रकार- विचार और कार्य से आने वाले समय में अपनी मेहनत के प्रति लगन से समाज को बेहतर बना सकते हैं। जरूरत है कि वे अपनी ऊर्जा, साहस और ईमानदारी से र्काय के प्रति सही दिशा में उपयोग करें , Bachelor of Journalism And Mass Communication - Tilak School of Journalism and Mass Communication CCSU meerut / Master of Journalism and Mass Communication - Uttar Pradesh Rajarshi Tandon Open University पत्रकारिता- प्रेरणा मीडिया संस्थान नोएडा 2018 से केशव संवाद पत्रिका, प्रेरणा मीडिया, प्रेरणा विचार पत्रिका,