14 वर्षीय सिद्धार्थ नंदयाला ने बनाया AI आधारित 'CircadiaV' ऐप, 7 सेकंड में हार्ट डिजीज का लगाएगा पता
14 वर्षीय एनआरआई छात्र सिद्धार्थ नंदयाला ने AI-पावर्ड 'CircadiaV' ऐप बनाया है, जो सिर्फ 7 सेकंड में हार्ट डिजीज का पता लगाता है। आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने सिद्धार्थ की इस इनोवेटिव उपलब्धि की सराहना की। जानिए इस युवा AI उत्साही की प्रेरक कहानी। 14 yearold Siddharth Nandyala created AI based CircadiaV app which will detect heart disease 7 seconds 14 वर्षीय सिद्धार्थ नंदयाला ने बनाया AI आधारित 'CircadiaV' ऐप, 7 सेकंड में हार्ट डिजीज का लगाएगा पता Siddharth Nandyala, CircadiaV App, AI Powered Heart Disease App, Artificial Intelligence Health App, Young Innovator India, NRI Student Innovation, Heart Health AI App, N Chandrababu Naidu News, Andhra Pradesh Tech News, AI Certified Professional, Oracle AI Certification, ARM Certification, AI in Healthcare, 14 Year Old Tech Prodigy, AI App for Heart Disease Detection, Siddharth Nandyala CircadiaV, Youngest AI Certified Professional, AI Healthcare Innovation India
14 वर्षीय सिद्धार्थ नंदयाला ने बनाया AI आधारित 'CircadiaV' ऐप, 7 सेकंड में हार्ट डिजीज का लगाएगा पता
तकनीक और नवाचार की दुनिया में युवा प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। इसी कड़ी में भारत के एक 14 वर्षीय एनआरआई छात्र सिद्धार्थ नंदयाला ने ऐसा काम कर दिखाया है, जिससे न केवल तकनीकी विशेषज्ञ बल्कि चिकित्सा जगत भी प्रभावित है। सिद्धार्थ ने ‘CircadiaV’ नामक एक एआई-पावर्ड (AI Powered) मोबाइल ऐप विकसित किया है, जो महज सात सेकंड में हृदय रोग (Heart Disease) का पता लगा सकता है।
क्या है 'CircadiaV' ऐप?
‘CircadiaV’ ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर आधारित है। इसका उद्देश्य लोगों को आसान और त्वरित तरीके से हृदय रोगों की जांच करने में मदद करना है। पारंपरिक जांच प्रक्रियाओं में जहां समय और संसाधनों की आवश्यकता होती है, वहीं यह ऐप केवल सात सेकंड में संभावित हार्ट डिजीज के जोखिम का पता लगाता है। इसके लिए ऐप उपयोगकर्ता के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण करता है और AI एल्गोरिदम के माध्यम से नतीजे प्रदान करता है।
सिद्धार्थ नंदयाला: एक प्रेरणादायक प्रतिभा
सिद्धार्थ नंदयाला डलास, अमेरिका में रहते हैं और बेहद कम उम्र में उन्होंने AI के क्षेत्र में गहरी समझ विकसित की है। वे दुनिया के सबसे कम उम्र के AI-प्रमाणित पेशेवर बन चुके हैं। सिद्धार्थ को Oracle और ARM जैसी अग्रणी तकनीकी कंपनियों से भी प्रमाणपत्र प्राप्त हो चुके हैं, जो उनकी तकनीकी विशेषज्ञता का प्रमाण है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने की सराहना
सिद्धार्थ की इस अद्भुत उपलब्धि पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें बुलाकर सम्मानित किया। सीएम नायडू ने अपने कार्यालय में सिद्धार्थ से मुलाकात की और 'CircadiaV' ऐप व इसकी विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा:
"इस 14 साल के लड़के ने हार्ट से जुड़ी समस्याओं का पता लगाना आसान बना दिया है! मुझे डलास के एक युवा AI उत्साही सिद्धार्थ नांद्याला से मिलकर बेहद खुशी हुई, जो दुनिया के सबसे कम उम्र के AI-प्रमाणित पेशेवर हैं और उन्होंने Oracle और ARM से प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं।"
भारत में तकनीकी नवाचार का बढ़ता कदम
सिद्धार्थ की इस उपलब्धि से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में भारत और भारतीय मूल के छात्र विश्व पटल पर तकनीकी इनोवेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। AI और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में इस तरह के नवाचार न केवल रोग निदान को सरल बनाएंगे बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगे।
हार्ट हेल्थ और AI का मिलन
हृदय रोग (Cardiovascular Diseases) आज विश्वभर में मृत्यु दर का प्रमुख कारण है। ऐसे में सिद्धार्थ द्वारा बनाया गया 'CircadiaV' ऐप एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ऐप AI के माध्यम से हृदय स्वास्थ्य की प्रारंभिक जांच में मदद कर सकता है और समय रहते इलाज की दिशा में पहला कदम उठाया जा सकता है।
सिद्धार्थ नंदयाला जैसे युवा टेक्नोलॉजी प्रेमियों के प्रयास यह दर्शाते हैं कि अगर सही मार्गदर्शन और जुनून हो तो कम उम्र में भी बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। उनकी यह पहल न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बल्कि युवा तकनीकी समुदाय के लिए भी प्रेरणा है।
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