मोहन भागवत ने कहा लालच या भय के कारण मतांतरण नहीं करना चाहिए,
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मोहन भागवत ने कहा लालच या भय के कारण मतांतरण नहीं करना चाहिए,
संघ प्रमुख बोले, लड़ना नहीं चाहते, लेकिन हमें स्वयं को बचाना होगा, आज भी ऐसी ताकतें हैं जो चाहती हैं कि हम बदल जाएं यानी मतांतरण करें |
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में हमें प्रलोभन का सामना करना पड़ सकता है। यह लोगों को उनके धर्म से दूर कर सकती है, लेकिन धर्म ही सभी को प्रसन्नता की ओर ले जा सकता है।
उन्होंने कहा कि लोगों को लालच या भय के प्रभाव में आकर मतांतरण नहीं करना चाहिए। वह गुजरात के वलसाड जिले के बारुमल स्थित सद्गुरुधाम में श्रीभाव भावेश्वर महादेव मंदिर के रजत जयंती समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे।
भागवत ने कहा कि हम एकजुट होना जानते हैं और एकजुट होना चाहते हैं। हम लड़ना कतई नहीं चाहते। लेकिन हमें स्वयं को बचाना होगा, क्योंकि आज भी ऐसी ताकतें हैं जो चाहती हैं कि हम बदल जाएं यानी मतांतरण कर लें। उन्होंने कहा कि जब हमारे दैनिक जीवन में ऐसी कोई ताकत नहीं होती, तब भी लालच और प्रलोभन की घटनाएं सामने आती हैं। धार्मिक आचरण नियमित रूप से किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि लालच या भय आस्था से विमुख करे। वह सद्गुरुधाम का जिक्र कर रहे थे, जो आदिवासियों के उत्थान के लिए काम करते हैं।