नागपुर हिंसा के आरोपी का घर ढहाने को HC ने बताया तानाशाही, रोक, पर आदेश से पहले ही लगा काम

नागपुर में नगर निगम ने हिंसा के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया, जिसमें मास्टरमाइंड का घर भी शामिल था। कार्रवाई हाई कोर्ट के रोक लगाने के बावजूद हुई। मामले पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और महाराष्ट्र सरकार की इस पहल को तानाशाही करार दिया। अफसरों ने हाई कोर्ट को दस्तावेज दिखाए।

Mar 25, 2025 - 05:25
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नागपुर हिंसा के आरोपी का घर ढहाने को HC ने बताया तानाशाही, रोक, पर आदेश से पहले ही लगा काम
नागपुर : औरंगजेब कब्र विवाद में नागपुर जलाया गया। फिर सोमवार की सुबह कुछ ऐसा हुआ कि सब लोग हैरान रह गए। नागपुर नगर निगम के बुलडोजर दो इलाकों में पहुंचे और वहां बने दो घरों को पूरी तरह से तोड़ दिया। ये घर उन लोगों से जुड़े थे जिन पर 17 मार्च की रात को हुए दंगों में शामिल होने का शक है। इनमें से एक का मास्टरमाइंड फहीम खान का नाम भी शामिल है। पुलिस ने इलाके को पूरी तरह से घेर लिया था। 150 से ज्यादा पुलिस वाले और दंगा रोकने वाली टीमें वहां मौजूद थीं। ये कार्रवाई तब हुई जब की नागपुर बेंच ने दंगों के आरोपियों के घरों को तोड़ने पर रोक लगा दी। कोर्ट ने ये फैसला तब सुनाया जब घरों को तोड़ने का काम शुरू हो चुका था।

हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी

सुबह जब घरों को तोड़ा जा रहा था, उसके कुछ घंटे बाद ही बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। कोर्ट ने सरकार के इस तरीके को तानाशाही बताया। कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार जबरदस्ती कर रही है।

अफसरों ने क्या कहा

कोर्ट का ये फैसला उन याचिकाओं के बाद आया जिनमें नागपुर नगर निगम (NMC) की कार्रवाई को गलत बताया गया था। याचिकाओं में कहा गया था कि ये कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ है जिसमें कहा गया है कि किसी पर आरोप लगने पर उसके घर को नहीं तोड़ा जा सकता। एक सरकारी अफसर ने कहा कि बुलडोजर से और भी कई इमारतें तोड़ी जाएंगी।

अब्दुल हफीज शेख लाल के घर भी चला बुलडोजर

बॉम्बे हाई कोर्ट का रोक का आदेश आने से पहले ही का दो मंजिला घर पूरी तरह से तबाह हो चुका था। ये घर संजय बाग कॉलोनी में रजा मस्जिद के पास था। एक और घर जो तोड़ा गया, वो अब्दुल हफीज शेख लाल का था। ये घर जोहरीपुरा बस्ती में था। इस घर का कुछ हिस्सा इसलिए तोड़ा गया क्योंकि इसे बिना इजाजत के बनाया गया था। NMC ने कहा कि इन लोगों ने महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग (MRTP) एक्ट के नियमों को तोड़ा है। इसलिए रविवार को उन्हें 24 घंटे का नोटिस दिया गया था।

क्या बोले देवेंद्र फडणवीस

मुख्यमंत्री ने शनिवार को कहा था कि दंगों के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके घर तोड़े जाएंगे। इसके बाद से ही अधिकारी बुलडोजर चलाने की नीति पर आगे बढ़ रहे हैं। नागपुर के बीचोंबीच हुई इस हिंसा में एक आदमी मारा गया था, 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे और 50 से ज्यादा गाड़ियां टूट गई थीं। फहीम खान को 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। वह एक बुर्का बेचने वाला और साइकिल ठीक करने वाले की दुकान चलाने वाले का बेटा है। उसने 2024 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ लोकसभा का चुनाव लड़ा था और उसे 1,000 वोट मिले थे। फहीम खान पर देशद्रोह के दो मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि उसने दंगों से पहले भड़काऊ वीडियो फैलाए थे। ये दंगे तब शुरू हुए जब लोग मांग कर रहे थे कि औरंगजेब की कब्र को छत्रपति संभाजीनगर जिले से हटाया जाए।

फहीम खान के घर की लाज खत्म!

संजय बाग कॉलोनी में NMC की टीम सुबह 8 बजे पहुंची। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया था। एक अफसर ने बताया कि इस जमीन का लीज 2020 में खत्म हो गया था और इसका नक्शा NMC को दे दिया गया था। लेकिन खान ने बिना इजाजत के कई मंजिला घर बना लिया। सुबह 10। 40 बजे 24 घंटे का नोटिस खत्म हो गया और घर को तोड़ना शुरू कर दिया गया। दो घंटे के अंदर खान का घर पूरी तरह से तबाह हो गया। ये घर उसकी 69 साल की मां मेहरुनिस्सा खान के नाम पर था। हाई कोर्ट में मेहरुनिस्सा ने कहा कि उनके पास 2003 से घर बनाने की सारी इजाजत है और पहले कभी भी नगर निगम ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

याचिकाकर्ताओं ने कहा, "NMC का घर तोड़ने का नोटिस गलत है और ये संविधान के खिलाफ है। ये सिर्फ परेशान करने और जानबूझकर की गई कार्रवाई है, जो कानूनी रूप से गलत है। " उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के नियमों का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि अगर किसी घर को गैरकानूनी तरीके से तोड़ा जाता है तो नगर निगम को उसे फिर से बनाना होगा। जस्टिस नितिन सांबरे और जस्टिस वृषाली जोशी की बेंच ने NMC कमिश्नर से पूछा कि घरों को क्यों तोड़ा गया।

महापालिका के पास दंगों में शामिल 51 लोगों के नाम की लिस्ट

एक बड़े अफसर ने बताया कि पुलिस ने दंगों में शामिल 51 लोगों की लिस्ट दी थी, जिनमें से आठ सबसे ज्यादा जरूरी थे। इसके बाद ही ये कार्रवाई की गई। लेकिन अधिकारियों को ये साबित करने में मुश्किल हो रही थी कि ये घर आरोपियों के ही हैं, क्योंकि कई घर उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर थे। अधिकारियों ने अजीजा बेगम शेख सलीम को भी घर तोड़ने का नोटिस दिया है। उनका घर यादव नगर में है और कहा जा रहा है कि उन्होंने बिना इजाजत के घर को बढ़ाया है। पुलिस का कहना है कि ये घर दंगों के एक आरोपी के रिश्तेदार का है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में और भी घरों को तोड़ा जाएगा। टीमें उन घरों की पहचान कर रही हैं जो पिछले हफ्ते हुई हिंसा के आरोपियों से जुड़े हैं।

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@Dheeraj kashyap युवा पत्रकार- विचार और कार्य से आने वाले समय में अपनी मेहनत के प्रति लगन से समाज को बेहतर बना सकते हैं। जरूरत है कि वे अपनी ऊर्जा, साहस और ईमानदारी से र्काय के प्रति सही दिशा में उपयोग करें , Bachelor of Journalism And Mass Communication - Tilak School of Journalism and Mass Communication CCSU meerut / Master of Journalism and Mass Communication - Uttar Pradesh Rajarshi Tandon Open University पत्रकारिता- प्रेरणा मीडिया संस्थान नोएडा 2018 से केशव संवाद पत्रिका, प्रेरणा मीडिया, प्रेरणा विचार पत्रिका,