नथूराम गोडसे ने अपनी बुक में क्या कहा था जानिए
"नाथूराम गोडसे ने अपनी पुस्तक "मैंने गांधी वध क्यों किया?" में महात्मा गांधी की हत्या के अपने तर्कों को प्रस्तुत किया है। इस पुस्तक में उन्होंने हिंदू-मुस्लिम विभाजन, गांधीजी की नीतियों, और राष्ट्रहित से जुड़े अपने दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा की है।" नथूराम गोडसे ने अपनी बुक में क्या कहा था जानिए
"नाथूराम गोडसे ने अपनी पुस्तक "मैंने गांधी वध क्यों किया?" में महात्मा गांधी की हत्या के अपने तर्कों को प्रस्तुत किया है। इस पुस्तक में उन्होंने हिंदू-मुस्लिम विभाजन, गांधीजी की नीतियों, और राष्ट्रहित से जुड़े अपने दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा की है।"
'वास्तव में मेरे जीवन का उसी समय अन्त हो गया था, जब मैंने गांधी पर गोली चलाई थी। उसके पश्चात् मैं मानो समाधि में हूँ और अनासक्त जीवन बिता रहा हूँ।
मैं मानता हूँ कि गांधी जी ने देश के लिए बहुत कष्ट उठाए, जिसके कारण मैं उनकी सेवा के प्रति एवं उनके प्रति नतमस्तक हूँ, किन्तु देश के इस सेवक को भी जनता को धोखा देकर मातृभूमि के विभाजन का अधिकार नहीं था।
मैं किसी प्रकार की दया नहीं चाहता हूँ। मैं यह भी नहीं चाहता हूँ कि मेरी ओर से कोई दया की याचना करे।
अपने देश के प्रति भक्ति-भाव रखना यदि पाप है तो मैं स्वीकार करता हूँ कि वह पाप मैंने किया है। यदि वह पुण्य है तो उससे जनित पुण्य-पद पर मेरा नम्र अधिकार है।
मेरा विश्वास अडिग है कि मेरा कार्य नीति की दृष्टि से पूर्णतया उचित है। मुझे इस बात में लेशमात्र भी सन्देह नहीं कि भविष्य में किसी समय सच्चे इतिहासकार इतिहास लिखेंगे तो वे मेरे कार्य को उचित ठहराएंगे।
- नथूराम वि० गोडसे