जो पढ़ना जानती थी, वे प्रेमपत्रों से ठगी गई,

who knew how to read, She was duped by love letters, जो पढ़ना जानती थी, वे प्रेमपत्रों से ठगी गई,

Dec 30, 2024 - 14:31
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जो पढ़ना जानती थी, वे प्रेमपत्रों से ठगी गई,
जो पढ़ना जानती थी, वे प्रेमपत्रों से ठगी गई,
जो पढ़ना जानती थी,
वे प्रेमपत्रों से ठगी गई,
जो नहीं जानती थी
वे एक जोड़ी झुमकों से.
चटोरपन की मारी
एक प्लेट चाऊमिन से,
तेरे हाथों में स्वाद है '
सुनकर ठगी गई वे सारी
जो पढ़कर भी पकड़ नहीं पाई
इतिहास का सबसे बड़ा झूठ.
प्रेम में केवल ईश्वर को साक्षी मानने वाली
एक चुराई अलसाई दोपहरी में मिले
एक चुटकी सिंदूर से ठगी गई.
घर-बाहर दोनों संभालने वाली
चाभियों के एक अदद गुच्छे‌ से..
ठगी की मारी ये सारी की सारी
तबतक खिली रही जबतक
प्रेम का वृक्ष ठूंठ हो उनकी देह के साथ नहीं जला.

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@Dheeraj kashyap युवा पत्रकार- विचार और कार्य से आने वाले समय में अपनी मेहनत के प्रति लगन से समाज को बेहतर बना सकते हैं। जरूरत है कि वे अपनी ऊर्जा, साहस और ईमानदारी से र्काय के प्रति सही दिशा में उपयोग करें , Bachelor of Journalism And Mass Communication - Tilak School of Journalism and Mass Communication CCSU meerut / Master of Journalism and Mass Communication - Uttar Pradesh Rajarshi Tandon Open University पत्रकारिता- प्रेरणा मीडिया संस्थान नोएडा 2018 से केशव संवाद पत्रिका, प्रेरणा मीडिया, प्रेरणा विचार पत्रिका,