तुम्हारे लिए मेरी कविता जीवन में कोई युद्ध नहीं
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तुम्हारे लिए मेरी कविता
जीवन में कोई युद्ध नहीं,
जो बिना संघर्ष के जीते हैं,
वे भी शायद कहीं न कहीं
सच्चाई से डर कर भागे होंगे।
तुमसे मिलकर तो मुझे यही एहसास हुआ है,
कि प्रेम भी एक युद्ध जैसा होता है,
जहां हर दिन हमें नए तरीके से लड़ना होता है,
परंतु हर संघर्ष के बाद जो जीत होती है,
वो उसी तरह की खूबसूरती से भर देती है,
जैसे दीपक की ज्योति अंधकार से निकल कर चमकती है।
जब तक तुम मेरे साथ हो,
हर दिन एक नई चुनौती और सुंदरता है,
जैसे किसी राहगीर को किसी भी यात्रा में
विश्राम का कभी मौका नहीं मिलता,
पर साथ तुम्हारा होने से लगता है कि
हर युद्ध को जीतने की शक्ति मिलती है।
हम दोनों का भी अपना युद्ध है,
जो हर रिश्ते में संघर्ष की तरह चलता है,
लेकिन फिर भी तुम्हारे साथ हर लम्हा,
संग्राम से भी ज्यादा ख़ास होता है।
तुमने मुझे दिखाया है,
कैसे सच्चाई और प्रेम के लिए
हर कीमत चुकानी पड़ती है,
जैसे कभी राम और सीता ने अपने कष्टों को सहा।
तुम्हारे साथ, हर कष्ट सहन करने में
एक अलग तरह की शक्ति महसूस होती है,
तुम्हारा साथ मिल जाए तो हर संघर्ष भी आसान लगता है।
मेरे जीवन के हर युद्ध में तुम हो,
तुम्हारा साथ एक क़ीमती रत्न जैसा है,
जिसे पा कर जीवन के हर पल को मैं जीत सकता हूं,
क्योंकि तुम हो, मेरी संग्राम की सबसे बड़ी जीत।
कभी नहीं होगा युद्ध, जब तुम मेरे साथ हो।