घर वापसी: 101 परिवारों ने कोरबा में सनातन धर्म को अपनाया
101 परिवारों ने घर वापसी की, अपना मूल धर्म सनातन धर्म में वापस
कोरबा, छत्तीसगढ़: रविवार को कटघोरा क्षेत्र के आसपास के गांवों में 101 परिवारों ने घर वापसी की, अपना मूल धर्म सनातन धर्म में वापस लेने का निर्णय लिया। प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने इस अद्भुत पल में सभी लोगों का स्वागत किया, उनके पैर धोकर हिंदू धर्म में पुनर्मिलन की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया।
101 परिवारों ने हिंदू धर्म में वापसी का निर्णय लिया, जिन्होंने पहले किसी और धर्म को माना था। इस घटना में धर्म सेना और बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
धर्म सेना का संरक्षण: इन परिवारों को विधि विधान से घर वापसी कराने के लिए धर्म सेना ने कार्रवाई की। उन्होंने प्रशिक्षण और प्रेरणा के माध्यम से इन परिवारों को हिंदू धर्म में पुनर्मिलन के लिए प्रेरित किया।
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव का योगदान: बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने भी इस घड़ी में अहम योगदान दिया। उन्होंने इन परिवारों के पैर धोकर गंगाजल से पखारे और तिलक लगाकर घर वापसी कराई।
हिंदूत्व का संकेत: इन परिवारों ने अपने निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि हिंदूत्व किसी जाति का नहीं, बल्कि राष्ट्रीयता का प्रतीक है। उनका मानना है कि मजबूत और संगठित हिंदू भारत को दोबारा विश्व गुरु बनाएगा।
पिछले साल से घर वापसी का चलन: इस समय की घर वापसी की खबरें यहाँ तक पहुंची हैं कि पिछले साल भी करीब ढाई सौ परिवारों ने घर वापसी की थी। इसमें प्रलोभन की प्रक्रिया के माध्यम से मतांतरण करने वालों का जिक्र है।
प्रलोभन और मतांतरण की प्रक्रिया: पहले कुछ लोगों ने प्रलोभन देकर इन परिवारों को मतांतरण कराया था, लेकिन इन्हें अपनी गलती का आभास होने पर वे अब फिर से विधि-विधान से सनातन धर्म में वापसी कर लिए हैं।
वनवासी परिवारों को बरगलाने की प्रयासें: छत्तीसगढ़ में वनवासी परिवारों को बरगलाने के प्रयास दिनों-दिन बढ़ रहे हैं, जिसमें दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा प्रलोभन देकर मतांतरण कराने का मामूला तरीका शामिल है।
गलती से सीखते हुए फिर से मूल धर्म में: मतांतरण करने वालों को जब अपनी गलती का एहसास हुआ तो वे फिर से अपने मूल धर्म में लौट आते हैं। इससे सामाजिक एकता और समरसता में सुधार हो सकता है।