18 अप्रैल के दिन की घटनाओं, जन्मों, निर्धनों और महत्वपूर्ण अवसरों के बारे में जानकारी जरूर पढे अगर आप किसी इंटरवीयू में जा रहीं हैं तो
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18 अप्रैल का इतिहास: महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
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1955 - बांडुंग में अफ़्रीकी-एशियाई सम्मेलन 18 अप्रैल 1955 को इंडोनेशिया के बांडुंग शहर में अफ़्रीकी और एशियाई देशों का एक ऐतिहासिक सम्मेलन हुआ था। इस सम्मेलन का उद्देश्य एशिया और अफ्रीका के देशों को एकजुट करना और साम्राज्यवाद के खिलाफ एक मोर्चा बनाना था। इसमें 29 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। बांडुंग सम्मेलन ने एक नए अंतर्राष्ट्रीय मंच का निर्माण किया और यह शीत युद्ध के समय में उपनिवेशवाद के खिलाफ एक अहम पहल साबित हुआ। इस सम्मेलन से नव स्वतंत्र देशों के बीच एक मजबूत सहयोग की नींव पड़ी।
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1994 - ब्रायन लारा का विश्व रिकार्ड 18 अप्रैल 1994 को वेस्टइंडीज के क्रिकेट खिलाड़ी ब्रायन लारा ने 375 रन बनाकर टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया। यह रिकॉर्ड क्रिकेट इतिहास में एक मील का पत्थर था। ब्रायन लारा का यह रिकॉर्ड 2004 तक बरकरार रहा, जब मैथ्यू हेडन ने इसे तोड़ा। लारा की इस शानदार पारी ने क्रिकेट जगत में उनकी महानता को स्थापित किया।
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2001 - भारत में बांग्लादेश की गोलीबारी 18 अप्रैल 2001 को बांग्लादेश की सेना ने भारतीय सीमा में घुसकर गोलीबारी की, जिससे भारत के 16 सैनिक शहीद हो गए। यह घटना भारतीय सेना और बांग्लादेश के बीच एक सीमा संघर्ष का हिस्सा थी। इस गोलीबारी ने दोनों देशों के रिश्तों में तनाव को बढ़ाया और सीमा सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए।
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2002 - मोहम्मद जहीर शाह का काबुल लौटना 18 अप्रैल 2002 को अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व शासक मोहम्मद जहीर शाह काबुल लौटे। वे 1973 में हुए एक विद्रोह के बाद इटली में निर्वासन में थे। उनकी काबुल वापसी अफ़ग़ानिस्तान के राजनीतिक पुनर्निर्माण के एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखी गई। यह घटनाक्रम अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अहम था।
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2005 - जिन्ना हाउस का पाकिस्तान को हस्तांतरण 18 अप्रैल 2005 को भारत ने मुम्बई स्थित जिन्ना हाउस को पाकिस्तान को सौंपने पर सहमति जताई। यह घर पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना से संबंधित था। यह निर्णय द्विपक्षीय रिश्तों में एक नया मोड़ लाने के उद्देश्य से लिया गया था, हालांकि इसके बाद भी भारत-पाकिस्तान संबंधों में कई मुद्दों पर असहमति बनी रही।
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2008 - महत्वपूर्ण समझौते और निर्णय इस दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएँ हुईं, जैसे इंफोसिस और कॉनसेको के बीच पाँच वर्ष के लिए समझौता, अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय का मौत की सजा को वैध ठहराना, और पाकिस्तान द्वारा भारतीय क़ैदी सबरजीत सिंह की सजा में स्थगन। ये घटनाएँ अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और मानवाधिकारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण थीं।
18 अप्रैल को जन्मे महान व्यक्ति
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गुरु तेग़ बहादुर (1621) गुरु तेग़ बहादुर सिख धर्म के नवें गुरु थे। उनका जन्म 1621 में हुआ था और उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। वे अपनी वीरता और बलिदान के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी शहादत ने सिखों को धर्म की रक्षा के लिए प्रेरित किया।
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धोंडो केशव कर्वे (1858) धोंडो केशव कर्वे आधुनिक भारत के एक महान समाज सुधारक थे। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए कई सुधार कार्य किए। उनका योगदान भारतीय समाज के विकास में अत्यधिक महत्वपूर्ण था।
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दुलारी (1928) दुलारी भारतीय सिनेमा की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं, जिन्होंने कई हिंदी फिल्मों में अभिनय किया। उनका योगदान भारतीय फिल्म उद्योग में अमूल्य है।
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ललिता पवार (1916) ललिता पवार हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। वे अपने अभिनय के लिए जानी जाती थीं और उनका करियर भारतीय फिल्म उद्योग में काफी प्रभावशाली था।
18 अप्रैल को निधन
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अलबर्ट आइंस्टाइन (1955) 18 अप्रैल 1955 को प्रसिद्ध वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टाइन का निधन हुआ। उनकी थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी ने पूरी दुनिया के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बदल दिया। उनका योगदान विज्ञान में अपार था, और उनका नाम हमेशा सम्मान से लिया जाएगा।
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तात्या टोपे (1859) तात्या टोपे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा थे। वे 'प्रथम स्वतंत्रता संग्राम' के दौरान ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संघर्ष करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में से एक थे। उनकी शहादत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमर रहेगी।
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पांडुरंग वामन काणे (1972) पांडुरंग वामन काणे भारतीय संस्कृतज्ञ और विद्वान पंडित थे। उनका योगदान भारतीय धार्मिक और संस्कृत साहित्य में बहुत महत्वपूर्ण था।
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बारीन्द्र कुमार घोष (1959) बारीन्द्र कुमार घोष एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार थे, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
18 अप्रैल के महत्त्वपूर्ण अवसर और उत्सव
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फ़ायर सर्विस सप्ताह 18 अप्रैल से शुरू होकर 24 अप्रैल तक फ़ायर सर्विस सप्ताह मनाया जाता है। इस सप्ताह का उद्देश्य आग से बचाव, सुरक्षा उपायों और फायर सर्विस की महत्वता के बारे में जागरूकता फैलाना है। यह सप्ताह सुरक्षा और जागरूकता के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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विश्व विरासत दिवस 18 अप्रैल को हर वर्ष विश्व विरासत दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य हमारे सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा और संरक्षण के महत्व को जागरूक करना है। यह दिवस हमें हमारी विरासत के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराता है और हमें इसे बचाने के लिए कदम उठाने की प्रेरणा देता है।