पीएम के दौरे में गड़बड़ी फैलाने के आरोपित को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
पीएम के दौरे में गड़बड़ी फैलाने के आरोपित को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, Supreme Court grants bail accused creating disturbance during PM visit,
पीएम के दौरे में गड़बड़ी फैलाने के आरोपित को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
जुलाई 2022 में पीएफआइ के कथित सदस्य को पटना से गिरफ्तार किया गया था
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) के एक कथित सदस्य यह कहते हुए जमानत दे दी कि उसे बिना सुनवाई के अनिश्चितकाल के लिए जेल में नहीं डाला जा सकता। उस पर पटना में 2022 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित दौरे में गड़बड़ी फैलाने की साजिश का आरोप था।
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति आगस्टीन जार्ज मसीह की पीठ ने कहा कि गवाहों के बयान में ऐसा कुछ भी नहीं कहा गया है जिससे प्रथम दृष्टया उस पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत आरोप लगाए जा सकें। पीठ ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि यह मुकदमा बहुत जल्द पूरा नहीं हो वाला। इस अदालत द्वारा पूर्व में दिए गए फैसलों को ध्यान में रखते हुए इस आरोपित को बिना सुनवाई के अनिश्चितकाल के लिए जेल में रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अगर ऐसा किया गया तो यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होगा। पीठ ने निर्देश दिया कि विशेष अदालत द्वारा तय की गई शर्तों के आधार पर उसे जमानत पर छोड़ा जा सकता है।
अतहर परवेज को जुलाई 2022 में गिरफ्तार किया गया था। अतहर ने नवंबर 2023 में पटना हाई कोर्ट द्वारा उसकी जमानत खारिज करने के आदेश को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने देखा कि एनआइए ने जनवरी 2023 में आरोप- पत्र दाखिल किया था, लेकिन अभी तक आरोप तय नहीं किए गए हैं।