कांग्रेस अधिवेशन में शशि थरूर ने की कार्यकर्ताओं की तारीफ, राहुल-सोनिया का नहीं लिया नाम
कांग्रेस अधिवेशन 2025, शशि थरूर बयान, कांग्रेस नेता शशि थरूर, सोनिया गांधी राहुल गांधी, कांग्रेस कार्यकर्ता सराहना, अहमदाबाद कांग्रेस अधिवेशन, शशि थरूर न्यूज, कांग्रेस में नया नेतृत्व, सकारात्मक राजनीति, युवा मतदाता कांग्रेस, शशि थरूर भाषण, कांग्रेस का राजनीतिक प्रस्ताव, कांग्रेस पुनरुत्थान, थरूर मलयालम भाषण, कांग्रेस समाचार 2025 Shashi Tharoor praised the workers in the Congress session did not take the name of Rahul and Sonia, कांग्रेस अधिवेशन में शशि थरूर ने की कार्यकर्ताओं की तारीफ, राहुल-सोनिया का नहीं लिया नाम
कांग्रेस अधिवेशन में शशि थरूर ने की कार्यकर्ताओं की तारीफ, राहुल-सोनिया का नहीं लिया नाम
अहमदाबाद में दिया सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश, युवा मतदाताओं की प्राथमिकताओं पर डाला जोर
अहमदाबाद में चल रहे कांग्रेस के 84वें अधिवेशन के दूसरे दिन वरिष्ठ नेता शशि थरूर का बयान चर्चा का विषय बन गया। जहां अन्य नेता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और सांसद राहुल गांधी की सराहना करते नजर आए, वहीं थरूर ने अपने संबोधन में दोनों नेताओं का नाम तक नहीं लिया। इसके बजाय उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की खुले दिल से सराहना की और कहा, "हम आपके कंधों पर खड़े हैं। आपके बिना प्रस्ताव केवल शब्द ही रह जाएगा।"
थरूर ने कांग्रेस को सलाह दी कि वह केवल नकारात्मक आलोचना तक सीमित न रहे, बल्कि एक सकारात्मक और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाए। उन्होंने कहा कि आज के युवा मतदाता इतिहास की प्रशंसा से ज्यादा वर्तमान और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों पर ध्यान देते हैं। "हमारा एक शानदार इतिहास है, लेकिन युवा जानना चाहते हैं कि उनके लिए आज क्या किया जाएगा और उन्हें कैसा भविष्य मिलेगा," उन्होंने कहा।
अपने संबोधन में थरूर ने कांग्रेस के राजनीतिक प्रस्ताव की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उन्होंने कहा, "हम रचनात्मक आलोचना करते हैं और केवल निरंतर नकारात्मकता पर भरोसा नहीं करते। हमारा प्रस्ताव हमारे राष्ट्रवाद को प्रदर्शित करता है और यह दिखाता है कि कांग्रेस देश की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।"
थरूर ने अपने भाषण में समावेशिता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति एक साथ अच्छा गुजराती, अच्छा मुस्लिम और अच्छा भारतीय हो सकता है। मलयालम में भी उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि सरकार की सकारात्मक बातों को स्वीकारना गलत नहीं है।
हिंदी में बोलते हुए थरूर ने कहा, "मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैं दक्षिण भारत से हूं और हमें भारत को एकजुट करना है।" उन्होंने यह भी माना कि कांग्रेस ने हाल में कुछ उपलब्धियां हासिल की हैं, जैसे लोकसभा में सीटों की संख्या दोगुनी हुई है, लेकिन राज्य चुनावों में मिली हार को लेकर भी आत्मचिंतन जरूरी है।
अंत में थरूर ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की असली ताकत बताते हुए कहा कि कांग्रेस आज पुनरुत्थान के कगार पर है और वह आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। उनका यह वक्तव्य न केवल कांग्रेस के लिए एक नई दिशा का संकेत देता है, बल्कि पार्टी में नेतृत्व के प्रति बदलते नजरिए को भी उजागर करता है।