प्रयागराज: त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं की आस्था, अब तक 34.97 करोड़ स्नानार्थी पहुंचे
प्रयागराज का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व, Prayagraj Devotees have faith Triveni Sangam till now 34.97 crore bathers have reached, प्रयागराज त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं की आस्था, अब तक 34.97 करोड़ स्नानार्थी पहुंचे,
प्रयागराज: त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं की आस्था, अब तक 34.97 करोड़ स्नानार्थी पहुंचे
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: माघ मेले और मौनी अमावस्या स्नान के अवसर पर प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आस्था और धार्मिक विश्वास से परिपूर्ण इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अनुसार, 3 फरवरी तक 34.97 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।
प्रयागराज का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
प्रयागराज, जिसे प्राचीनकाल में 'इलाहाबाद' और 'प्रयाग' के नाम से जाना जाता था, भारत का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यह गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम स्थल के कारण विशेष महत्व रखता है। त्रिवेणी संगम को हिंदू धर्म में मोक्ष प्राप्ति का द्वार माना जाता है, जहां स्नान करने से पापों का नाश होने की मान्यता है।
प्रयागराज कुंभ और अर्धकुंभ जैसे भव्य आयोजनों के लिए भी प्रसिद्ध है, जहां देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु और साधु-संत पहुंचते हैं। यह शहर प्राचीन भारतीय इतिहास, शिक्षा और संस्कृति का भी प्रमुख केंद्र रहा है। यहां स्थित आनंद भवन, इलाहाबाद विश्वविद्यालय और हनुमान मंदिर जैसे स्थल प्रयागराज को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष बनाते हैं।
माघ मेले के दौरान संगम क्षेत्र में अस्थायी टेंट सिटी बसाई जाती है, जहां संत-महात्मा प्रवास करते हैं और श्रद्धालु आध्यात्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। इस वर्ष भी प्रयागराज प्रशासन द्वारा स्नान पर्वों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो