NASA ने अंतरिक्ष में खोज निकाला धरती से 5 गुना बड़ा हीरा
"नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने एक अनोखा ग्रह खोजा है, जो आकार में पृथ्वी से 5 गुना बड़ा और हीरे की तरह चमकदार है। जानिए कैसे तारे के अवशेष से बना यह खगोलीय हीरा, जिसकी सतह 2400°C तक गर्म है।" NASA discovered a diamond in space that is 5 times bigger than the Earth, NASA ने अंतरिक्ष में खोज निकाला धरती से 5 गुना बड़ा हीरा
नासा ने खोजा हीरे जैसा चमकदार ग्रह, जो कभी था एक तारा!
अंतरिक्ष की गहराइयों में फैले रहस्यों को उजागर करने में नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसा ग्रह खोजा है, जो न केवल आकार में पृथ्वी से पांच गुना बड़ा है, बल्कि हीरे की तरह चमकदार भी है। इस ग्रह का नाम PSR J1719-1438 b रखा गया है। दिलचस्प बात यह है कि यह ग्रह किसी साधारण ग्रह की तरह नहीं बना, बल्कि यह एक विशाल तारे का अवशेष है।
तारे से हीरे में बदलने का अद्भुत सफर
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ग्रह कभी एक बड़ा और शक्तिशाली तारा था। लेकिन समय के साथ उसके जीवन में एक क्रांतिकारी मोड़ आया। एक न्यूट्रॉन तारे — ब्रह्मांड के सबसे घनीभूत और शक्तिशाली पिंडों में से एक — ने इसकी बाहरी परतों को खींचकर अलग कर दिया। परिणामस्वरूप, तारे का बाहरी आवरण हटने के बाद शेष बचा केवल उसका गाढ़ा कोर, जिसमें मुख्यतः कार्बन मौजूद है।
इसी कोर ने अत्यधिक दबाव और तापमान के कारण एक अद्भुत रूप ले लिया। उच्च दबाव में कार्बन के अणु उसी तरह से व्यवस्थित हो जाते हैं, जैसे हमारे पृथ्वी पर हीरों के अंदर होते हैं। इस प्रक्रिया के चलते यह ग्रह एक विशाल, चमकदार खगोलीय हीरा बन गया है।
ग्रह की अनोखी विशेषताएँ
- आकार: पृथ्वी से लगभग पांच गुना बड़ा।
- कक्षा: यह ग्रह अपने तारे के बेहद करीब है और मात्र 17 घंटे में एक पूरा चक्कर पूरा कर लेता है। तुलना करें, तो पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा करने में 365 दिन लगते हैं!
- तापमान: इसकी सतह का तापमान 2,400 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है, जिससे वैज्ञानिक मानते हैं कि इसकी सतह पिघले हुए लावा और चमकदार हीरे जैसी हो सकती है।
- तारा और ग्रह का संबंध: यह ग्रह एक न्यूट्रॉन तारे का साथी है, जो इसे लगातार अपनी ओर खींचने का प्रयास करता है।
विज्ञान की नज़र से क्यों खास है यह खोज?
इस खोज ने वैज्ञानिकों की सोच को और भी विस्तृत किया है। आमतौर पर ग्रहों का निर्माण गैस, धूल और चट्टानों के संयोजन से होता है, लेकिन PSR J1719-1438 b का बनना इस बात का प्रमाण है कि ब्रह्मांड में कितनी विविध और असामान्य प्रक्रियाएँ घट सकती हैं। यह हमें यह समझने में मदद करता है कि तारों के जीवन के अंत में भी वे किस तरह से नए खगोलीय पिंडों का निर्माण कर सकते हैं।
क्या हम इसे 'हीरा ग्रह' कह सकते हैं?
इस ग्रह के मुख्य अवयव कार्बन हैं, और वह भी हीरे की क्रिस्टली संरचना में। इसलिए इसे वैज्ञानिक Diamond Planet कह रहे हैं। हालाँकि, इसकी सतह पर उपस्थित अत्यधिक तापमान और दबाव के कारण, इसे पारंपरिक अर्थों में एक विशाल हीरा कहना पूरी तरह गलत नहीं होगा।
इंसानी कल्पना से आगे...
कभी सोचा था कि अंतरिक्ष में असली हीरे के ग्रह भी हो सकते हैं? ब्रह्मांड की विशालता और विविधता को यह खोज एक बार फिर रेखांकित करती है। वैज्ञानिक मानते हैं कि ऐसे और भी कई खगोलीय पिंड हो सकते हैं, जिनका निर्माण पूरी तरह अलग प्रक्रियाओं से हुआ है।
नासा की यह खोज हमें यह बताती है कि हमारे ब्रह्मांड में संभावनाएँ अनंत हैं। PSR J1719-1438 b न केवल विज्ञान के लिए, बल्कि खगोलशास्त्र प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है। कौन जानता है, आगे भविष्य में ऐसी और भी अनोखी दुनिया हमारे सामने आएंगी, जो हमारी कल्पना से भी परे होंगी।
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