भारत की आतंकवाद के ख़िलाफ़ Zero Tolerance नीति: हर नापाक हरकत का मिलेगा करारा जवाब
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भारत की आतंकवाद के ख़िलाफ़ Zero Tolerance नीति: हर नापाक हरकत का मिलेगा करारा जवाब
नई दिल्ली: भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति बिल्कुल स्पष्ट और कड़ी है — Zero Tolerance। हाल ही में हुई आतंकी घटना को लेकर पूरे देश में रोष है और सरकार ने इसे कायरता पूर्ण हरकत बताते हुए कहा है कि इसका जवाब कड़ा और निर्णायक होगा।
प्रधानमंत्री द्वारा जारी बयान में कहा गया, "आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमारी Zero Tolerance की नीति है। भारत का एक-एक नागरिक इस कायरतापूर्ण हरकत के ख़िलाफ़ एकजुट है।"
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत केवल उन लोगों तक ही सीमित नहीं रहेगा जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है, बल्कि उन साजिशकर्ताओं तक भी पहुँचेगा जो पर्दे के पीछे बैठकर भारत की धरती पर नापाक योजनाएं बनाते हैं। उन्होंने कहा, "हम सिर्फ़ उन्हीं लोगों तक नहीं पहुँचेंगे, जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है, हम उन तक भी पहुँचेंगे, जिन्होंने परदे के पीछे बैठकर, हिंदुस्तान की सरजमीं पर ऐसी नापाक हरकतों की साजिशें रची हैं।"
भारत ने विश्व के सामने हमेशा यह उदाहरण प्रस्तुत किया है कि शांति की राह पर चलने वाला देश जब अपनी सुरक्षा की बात आती है, तो वह किसी भी तरह का समझौता नहीं करता। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत का उल्लेख करते हुए कहा, "भारत एक इतनी पुरानी सभ्यता, और इतना बड़ा देश है, जिसको किसी भी आतंकी गतिविधियों से डराया नहीं जा सकता।"
सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि आने वाले समय में इसका जवाब ज़िम्मेदार लोगों को ज़ोरदार तरीक़े से दिखाई देगा। देश की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में हैं। पूरा देश इस कठिन घड़ी में एकजुट होकर खड़ा है और यह स्पष्ट संदेश दे रहा है कि भारत की धरती पर आतंक की कोई जगह नहीं है।
पहलगाम आतंकी हमले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कड़ा संदेश: “हमले के मास्टरमाइंड तक पहुंचेगी कार्रवाई”
पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद देशभर में शोक और आक्रोश का माहौल है। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जिनमें अधिकतर तीर्थयात्री और पर्यटक शामिल थे। हमले के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकियों और उनके सरगनाओं को बख्शा नहीं जाएगा।
राजनाथ सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “इस अमानवीय और बर्बर कृत्य के जिम्मेदार लोगों को जल्द ही करारा जवाब मिलेगा। हम केवल वे दरिंदे नहीं जो सामने आए और हमला किया, बल्कि उन लोगों को भी सज़ा देंगे जो पर्दे के पीछे छिपे बैठे हैं और इस साजिश को अंजाम देने में शामिल हैं।”
उन्होंने कहा, “हम देश के खिलाफ साजिश रचने वालों की पहचान करेंगे और उन्हें न्याय के कठघरे में खड़ा करेंगे।” यह बयान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ करीब ढाई घंटे चली उच्चस्तरीय बैठक के बाद दिया।
रक्षा मंत्री ने कहा, “पिछले दिन पहलगाम में हमारे देश ने कई मासूम नागरिकों को खो दिया, जो एक कायरतापूर्ण आतंकी हमले का शिकार हुए। यह हमला धर्म को निशाना बनाकर किया गया और इसका स्वरूप अत्यंत अमानवीय था, जिसने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है।”
उन्होंने आगे कहा, “भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर चलता है। हम हर आवश्यक और उपयुक्त कदम उठाएंगे ताकि इस हमले के दोषियों को सज़ा दी जा सके। भारत एक प्राचीन राष्ट्र है, जो आतंकवाद से डरने वाला नहीं है।”
हमले के बाद मंगलवार शाम को ही राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा था कि वह इस हमले से “गहराई से व्यथित” हैं और इसे “कायरता और अत्यंत निंदनीय” बताया था।
प्रधानमंत्री मोदी भी लौटे भारत
इस हमले के गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब की अपनी राजकीय यात्रा बीच में ही छोड़कर बुधवार सुबह दिल्ली वापसी की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने इस हमले की निंदा की है और कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
हमले का विवरण
मंगलवार की शाम को जब पहलगाम में पर्यटक और स्थानीय नागरिक एकत्र थे, तभी हथियारबंद आतंकियों ने हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने लोगों से उनके धर्म के बारे में पूछताछ की और फिर गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
देशभर में आक्रोश और एकजुटता
इस हमले के बाद न केवल देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी निंदा हो रही है। कई देशों ने भारत के साथ एकजुटता जताई है और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने की बात कही है। देशभर में जगह-जगह श्रद्धांजलि सभाएं हो रही हैं और लोग सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
राजनाथ सिंह के इस स्पष्ट और दृढ़ बयान से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। अब पूरे देश की निगाहें सुरक्षा एजेंसियों और सरकार की अगली रणनीति पर टिकी हैं।