IAS शक्ति दुबे: संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक कहानी
IAS शक्ति दुबे: संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक कहानी, IAS Shakti Dubey Inspiring story from struggle to success
IAS शक्ति दुबे: संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक कहानी
भारत में प्रशासनिक सेवा को सर्वोच्च सेवाओं में गिना जाता है, और इस दिशा में सफलता प्राप्त करने वालों की कहानियाँ अक्सर संघर्ष, आत्मबल और समर्पण से भरी होती हैं। ऐसी ही एक प्रेरक शख्सियत हैं IAS शक्ति दुबे, जिनकी यात्रा हर उस युवा के लिए प्रेरणा बन सकती है जो UPSC की कठिन राह पर चल रहा है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
IAS शक्ति दुबे का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था, जहाँ सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा को सर्वोपरि माना गया। बचपन से ही वे पढ़ाई में तेज़ थे और हमेशा कुछ बड़ा करने की ललक उनके भीतर थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से प्राप्त की और बाद में किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली।
UPSC की तैयारी और संघर्ष
शक्ति दुबे ने जब UPSC की तैयारी शुरू की, तो उनके पास महंगे कोचिंग संस्थानों में दाखिला लेने का विकल्प नहीं था। उन्होंने आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर स्वयं तैयारी की। कई बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अंततः उनके प्रयास रंग लाए और उन्होंने UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
सेवा में योगदान
IAS बनने के बाद शक्ति दुबे ने जिस भी जिले में कार्यभार संभाला, वहाँ पारदर्शिता, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति उनकी निष्ठा साफ दिखाई दी। उन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन की दिशा में कई सराहनीय पहलें कीं।
प्रेरणा का स्रोत
IAS शक्ति दुबे आज युवाओं के लिए एक आदर्श हैं। उनका मानना है कि अगर मन में ठान लिया जाए और निरंतर प्रयास किया जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। सोशल मीडिया के माध्यम से वे समय-समय पर युवाओं को प्रेरित करते रहते हैं।
IAS शक्ति दुबे की कहानी न केवल प्रशासनिक सेवा में आने की चाह रखने वालों के लिए प्रेरणा है, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए भी एक उदाहरण है जो कठिनाइयों से हार मान लेता है। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि दृढ़ निश्चय, ईमानदारी और मेहनत से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।