DCP अपूर्वा गुप्ता ने बताया है : किसानों का संसद कूच भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
दिल्ली में मार्च में किसान आंदोलन करने का विचार है ऐसा DCP अपूर्वा गुप्ता ने बताया है
किसानों का दिल्ली कूच : दिल्ली-नोएडा आने-जाने वाले ध्यान दें, बॉर्डर पर लग गया है भीषण जाम भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार, बढ़ा हुआ मुआवजा जैसी मांगों को लेकर हजारों किसान एक बार फिर बड़े आंदोलन की राह पर हैं. नोएडा के महामाया फ्लाईओवर से किसान अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में आज दिल्ली कूच करने जा रहे हैं.
किसानों का संसद कूच भारी संख्या में पुलिस बल तैनात बताया जा रहा है की किसान संगठन 25 नवम्बर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर धरना देने से अब वो 28 नवम्बर से यमुना प्राधिकरण तक फैल चुका है. आज, यह किसान एक बार फिर अपनी आवाज को राजधानी की ओर पहुंचाने का प्रयास सुरु कर दिया है
लेकिन इससे पहले ही शहर में जाम लग गया है सभी की गाड़ियों की जांच कर के ही किसानों के दिल्ली कूच से पहले बॉर्डर पर जाम लग गया है किसानों का दिल्ली चलो अभियान से पहले दिल्ली पुलिस की तैयारियां पूरी हो गई है दिल्ली में मार्च में किसान आंदोलन करने का विचार है ऐसा DCP अपूर्वा गुप्ता ने बताया है
किसना आन्दोलन कई साल से चला आ रहा है साल के आखिरी महीने से लेकर मार्च अप्रैल तक इस का दिल्ली में किसान संगठनों का घेराव रहता है दिल्ली में इस समय सदन चल रहा है इसी लिए किसी प्रकार की कोई दखल ना हो इसी कारण पुलिस पुख्ता इंतजाम करने में जुट गई है
अपूर्वा गुप्ता का कहना है की हमको जानकारी मिली है की कुछ किसान संगठनों ने दिल्ली मे कुच करने का ऐलान किया है और अभी सदन भी चल रहा है तो फिलहाल उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है CDP ने कहा हमने आस पास के जिलों को भी सूचना दे दी गई है और हमने उनको रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं
हमारी कोशिश रहेगी की दिल्ली में कानून व्यवस्था को बाधित ना होने दिया हैं और ट्रैफिक की समस्या भी न खारव हो जिससे आम जनता को किसी प्रकार की यातायात की समस्या ना हो और आगे उन्होंने कहा की एनसीआर से जिले की पुलिस सम्पर्क में हैं हम सभी के साथ जानकारी साझा कर रहे हैं उनके साथ अच्छा समन्वय रहेगा
किसान नेता रूपेश वर्मा ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों की उपेक्षा नहीं की जा सकती. शासन स्तर पर गठन की गई हाईपावर कमेटी से भी किसान संतुष्ट नहीं हैं और यह चाहते हैं कि कमेटी द्वारा दिए गए सुझावों पर तुरंत कार्रवाई की जाए उनकीं प्रमुख मांग हैं
किसानों की प्रमुख मांगों की बात करें तो 10%प्लॉट, 64.7 प्रतिशत बढ़ा हुआ मुआवजा और दूसरी मांग, नई भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार बाजार दर का चार गुना मुआवजा,20% प्लॉट का आवंटन , तीसरी भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगारतथा पुनर्वास के सभी लाभ दिए जाने शामिल हैं चौथी मांग -किसान आबादियों केनिस्तारण की भी मांग कर रहे हैं