किसानों ने WTO क्विट डे की घोषणा की, अबू धाबी में होने वाले सम्मेलन में डब्ल्यूटीओ पर दबाव बनाए रखने की मांग
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, "डब्ल्यूटीओ में भारत की खाद्य सुरक्षा और मूल्य समर्थन कार्यक्रम बार-बार विवाद का कारण बना है, हम इसे बंद करने के लिए प्रधानमंत्री और खेती मंत्री से मिलने को तैयार हैं।"
किसानों ने WTO क्विट डे की घोषणा की, अबू धाबी में होने वाले सम्मेलन में डब्ल्यूटीओ पर दबाव बनाए रखने की मांग
नई दिल्ली, 25 फरवरी: किसान आंदोलनरत होकर MSP समेत कई मांगों के साथ, संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने 26 फरवरी को 'WTO क्विट डे' मनाने का ऐलान किया है। इस दौरान किसान संगठन ने खेती को विश्व व्यापार संगठन (WTO) से बाहर रखने की मांग की है और आगामी 13वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में इस पर दबाव डालने का एलान किया है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि विकसित देशों पर इस मुद्दे पर दबाव डाला जाए, ताकि खेती को WTO की नकारात्मक प्रभावों से बचाया जा सके। इसके साथ ही, किसानों ने नेशनल और स्टेट हाईवे पर 26 से 29 फरवरी तक दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक बिना यातायात बाधा के ट्रैक्टरों को खड़ा करने का एलान किया है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, "डब्ल्यूटीओ में भारत की खाद्य सुरक्षा और मूल्य समर्थन कार्यक्रम बार-बार विवाद का कारण बना है, हम इसे बंद करने के लिए प्रधानमंत्री और खेती मंत्री से मिलने को तैयार हैं।"
समाचार का विवरण:
किसानों के प्रमुख मांगों में MSP, आंतरगत समान मूल्य निर्धारण, बंजर जमीनों का उपयोग, बीजों और उर्वरकों पर सस्ते दर, और किसानों के कर्ज में माफी शामिल हैं।
किसान संगठन ने कहा कि आने वाले समय में किसान आंदोलन को और भी बढ़ावा मिलेगा और वे अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
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