अगस्त महीने की महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई
Brief information was given about the important personalities of the month of August, अगस्त महीने की महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई
महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई है:
1 अगस्त, 1982 – पुरुषोत्तम दास टंडन
पुरुषोत्तम दास टंडन स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और हिन्दी के अनन्य सेवक थे। वे भारत के संविधान सभा के सदस्य रहे और हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारत सरकार ने उनके योगदान के लिए 1961 में उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया। वे भारतीय संस्कृति और साहित्य के प्रति समर्पित थे।
1 अगस्त, 1920 – लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता थे। उन्होंने ‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ का नारा दिया। वे समाज सुधारक, वकील और लेखक भी थे। उनकी पत्रिका ‘केसरी’ ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई।
2 अगस्त, 1861 – डॉ. प्रफुल्ल चंद्र राय
डॉ. प्रफुल्ल चंद्र राय प्रसिद्ध रसायनज्ञ और वैज्ञानिक थे। उन्होंने ‘बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स’ की स्थापना की। भारतीय रसायन विज्ञान में उनके योगदान को अद्वितीय माना जाता है।
3 अगस्त, 1886 – मैथिलीशरण गुप्त
मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी के राष्ट्रकवि थे। उनकी प्रमुख रचनाएँ ‘साकेत’, ‘यशोधरा’, और ‘हिडिंबा’ हैं। वे भारतीय संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत साहित्य सृजन के लिए प्रसिद्ध थे।
5 अगस्त, 1915 – डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’
डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ हिन्दी के प्रसिद्ध कवि थे। वे प्रेरणादायक और ओजस्वी कविताओं के लिए जाने जाते हैं। वे उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के अध्यक्ष भी रहे।
7 अगस्त, 1904 – वासुदेव शरण अग्रवाल
वासुदेव शरण अग्रवाल प्रख्यात पुरातत्ववेत्ता थे। उन्होंने राष्ट्रीय पुरातत्व संग्रहालय का दायित्व संभाला और भारतीय इतिहास तथा संस्कृति पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किए।
9 अगस्त, 1914 – चन्द्रशेखर परमानंद मिश्रीकर (बाबूराव)
बाबूराव ने डॉ. हेडगेवार की पहली जीवनी लिखी। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विचारक और लेखक थे।
10 अगस्त, 1977 – श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’
श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’ ने ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा’ नामक झंडा गीत लिखा, जो भारत के राष्ट्रीय आंदोलन में प्रेरणा का स्रोत बना।
11 अगस्त, 1908 – खुदीराम बोस
खुदीराम बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के युवा क्रांतिकारी थे। उन्होंने 18 वर्ष की आयु में अंग्रेजों के खिलाफ बम हमला किया और फांसी के फंदे को चूमा।
12 अगस्त, 1817 – ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव
ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी थे। उन्हें अंग्रेजों द्वारा फांसी दे दी गई थी।
13 अगस्त, 1936 – मैडम भीकाजी कामा
भीकाजी कामा ने भारत का पहला तिरंगा राष्ट्रध्वज फहराया। वे यूरोप में रहकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रयासरत रहीं।
14 अगस्त, 1817 – ठाकुर केसरी सिंह बारहट
राजस्थान के क्रांतिकारी ठाकुर केसरी सिंह बारहट को ‘राजस्थान केसरी’ कहा जाता था। वे ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध संघर्ष में अहम भूमिका निभाते रहे।
15 अगस्त, 1872 – महर्षि अरविंद घोष
महर्षि अरविंद घोष भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के साथ ही योग और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में प्रसिद्ध रहे। उन्होंने पांडिचेरी में आश्रम स्थापित किया और वेदों व उपनिषदों पर टीकाएँ लिखीं।
16 अगस्त, 1831 – अवंतीबाई लोधी
अवंतीबाई लोधी एक वीरांगना थीं, जिन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और वीरगति को प्राप्त हुईं।
17 अगस्त, 1909 – मदनलाल ढींगरा
मदनलाल ढींगरा भारतीय क्रांतिकारी थे जिन्होंने लंदन में अंग्रेज अफसर कर्जन वायली की हत्या की थी। उन्हें फांसी दे दी गई।
18 अगस्त, 1919 – राजपाल पुरी
राजपाल पुरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक थे। वे 1945 में सिंध प्रांत प्रचारक बने और संघ कार्य में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
20 अगस्त, 1924 – के. सूर्यनारायण राव
के. सूर्यनारायण राव तमिलनाडु के संघ प्रचारक थे। गुरुजी गोलवलकर उनके घर पर ठहरते थे।
21 अगस्त, 1965 – भाई हिरदाराम जी
भाई हिरदाराम जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्हें आजीवन कारावास की सजा हुई और उन्हें कालेपानी भेजा गया।
22 अगस्त, 1933 – डॉ. जगमोहन गर्ग
डॉ. जगमोहन गर्ग उच्च ताप सहनशील तार निर्माण में विशेषज्ञ थे। उनके अनुसंधान ने उद्योग जगत को नई दिशा दी।
23 अगस्त, 2008 – स्वामी लक्ष्मणानंद
स्वामी लक्ष्मणानंद उड़ीसा में हिन्दू जागरण के अग्रदूत थे। उनका योगदान हिन्दू संस्कृति की रक्षा में महत्वपूर्ण रहा।
25 अगस्त, 1944 – मेजर दुर्गा मल्ल
मेजर दुर्गा मल्ल आज़ाद हिन्द फौज के प्रथम गोरखा सैनिक थे। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और वीरगति को प्राप्त हुए।
28 अगस्त, 1903 – बाबा साहेब आप्टे
बाबा साहेब आप्टे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पहले प्रचारक थे। डॉ. हेडगेवार ने उन्हें ‘बाबा साहेब’ नाम दिया था।
29 अगस्त, 1905 – मेजर ध्यानचंद
मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के जादूगर कहे जाते हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने कई ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते।
31 अगस्त, 1927 – उधाताई चाटी
उधाताई चाटी राष्ट्र सेविका समिति की तीसरी प्रमुख संचालिका थीं। उन्होंने महिलाओं के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर बल दिया।