उत्तर प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र: हंगामा और शिष्टाचार मुलाकातें बनी चर्चा का विषय
उत्तर प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र: हंगामा और शिष्टाचार मुलाकातें बनी चर्चा का विषय, Assembly winter session Uproar and courtesy meetings become topic of discussion
उत्तर प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र: हंगामा और शिष्टाचार मुलाकातें बनी चर्चा का विषय
उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामे और राजनीतिक घटनाक्रम के बीच चर्चा का केंद्र बन गया। विपक्ष की ओर से जमकर नारेबाजी और हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, इस दौरान कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां बटोरीं।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर की तस्वीरें बनीं चर्चा का विषय
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सभी विधायक और मंत्री सदन में आपस में शिष्टाचार मुलाकात करते नजर आए। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर समाजवादी पार्टी के विधायकों के साथ दिखाई दिए। सपा विधायक अभय सिंह और मनोज पांडेय ने ओम प्रकाश राजभर से हाथ मिलाया और उनसे शिष्टाचार मुलाकात की। गौरतलब है कि ये दोनों विधायक फिलहाल बीजेपी के समर्थन में हैं, ऐसे में इन मुलाकातों पर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। सपा विधायक स्पीकर के पास पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे। स्पीकर द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद जब विपक्षी विधायक शांत नहीं हुए, तो सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सभी दलों से सदन चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा, "सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष को शांति बनाए रखनी चाहिए ताकि सदन में जनता के हितों के मुद्दों पर चर्चा हो सके।"
वहीं, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "भाजपा सरकार सदन नहीं चलाना चाहती। राज्य में कई मुद्दे हैं, लेकिन सरकार चर्चा से भाग रही है। यह सरकार अब तक की सबसे भ्रष्ट और धोखेबाज सरकार है। विपक्ष चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।"
मंत्री संजय कुमार निषाद का बयान
प्रदेश सरकार के मंत्री संजय कुमार निषाद ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "विधानसभा लोकतंत्र की सबसे बड़ी सभा है और इसमें अनुपूरक बजट लाया जा रहा है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकाल में कई मंदिर 40 सालों से बंद पड़े थे। उन्हें बताना चाहिए कि उनकी पार्टी सिर्फ एक वर्ग के लिए काम करती है या पूरे समाज के लिए।"
राजनीतिक समीकरणों की चर्चा
विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी नेताओं और सत्ता पक्ष के मंत्रियों के बीच शिष्टाचार मुलाकातों को लेकर राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं। विशेषकर मंत्री ओम प्रकाश राजभर की समाजवादी पार्टी के विधायकों से हाथ मिलाने वाली तस्वीरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया, लेकिन सत्र से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों ने इसे सुर्खियों में ला दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे के सत्रों में क्या विपक्ष सदन को चलने देता है या फिर हंगामे के बीच कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ेगा।