हिन्दू संस्कृति में प्रकृति के बिना जीवन की कल्पना नहीं – हर्षवर्धन त्रिपाठी
विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के समन्वय का बेहतर मॉडल है भारत उदयपुर, 03 मई। विश्व संवाद केंद्र उदयपुर ने ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया को देवर्षि नारद जयंती व पत्रकार सम्मान समारोह का अयोजन सुखाड़िया विश्वविद्यालय के बप्पा रावल सभागार में किया। समारोह में मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी, मुख्य अतिथि महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर […] The post हिन्दू संस्कृति में प्रकृति के बिना जीवन की कल्पना नहीं – हर्षवर्धन त्रिपाठी appeared first on VSK Bharat.
विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के समन्वय का बेहतर मॉडल है भारत
उदयपुर, 03 मई। विश्व संवाद केंद्र उदयपुर ने ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया को देवर्षि नारद जयंती व पत्रकार सम्मान समारोह का अयोजन सुखाड़िया विश्वविद्यालय के बप्पा रावल सभागार में किया। समारोह में मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी, मुख्य अतिथि महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के कुलगुरू प्रो. सुरेश अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख डॉ. महावीर कुमावत रहे। अध्यक्षता विश्व संवाद केंद्र के अध्यक्ष कमल प्रकाश रोहिला ने की। हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहा कि राजा इंद्र के दरबार में उपस्थित होने का प्रसंग किसी शास्त्र में नहीं मिलता और ना उन्होंने कभी स्वयं की प्रशंसा की। पत्रकार को कभी दरबारी नहीं होना चाहिए। पत्रकार का निर्माण ही धर्म संस्थापनार्थए, हुआ है।
उन्होंने कहा कि मुगल एवं अंग्रेज सत्ता के बाद स्वतंत्र होकर पंथनिरपेक्ष राष्ट्र बने भारत की धीमी आर्थिक गति को बौद्धिक बेईमानों ने हिन्दू इकोनॉमी नाम दिया। देश ने कोविड महामारी एवं नोटबंदी की सख्ती के बावजूद आर्थिक प्रगति हासिल की है। आज हमारे देश की जीडीपी आठ प्रतिशत से अधिक है।
उन्होंने कहा कि स्वर्णिम चतुर्भुज योजना से देश के चारों महानगरों को जोड़ने की योजना धरातल पर उतरी। हमारा देश का हिन्दू चारों दिशाओं के तीर्थ करना चाहता था, पर उसकी आस्था के बारे में नहीं सोचा गया। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के विरुद्ध किये जाने वाले आंदोलन के पीछे निहि पहलू को भी पत्रकारों को देखना चाहिए। यह चर्चा भी हम पत्रकारों को ही जनता तक पंहुचानी चाहिए।
आम लोगों के जीवन को बेहतर करने वाले हमारे देश में वंदे भारत ट्रेन दौड़ रही है। भारत में बड़ी संख्या में आईआईटी, आईआईएम और मेडिकल कॉलेज खुले हैं, जो हमारे विकास की राह को दिखाता है।
उन्होंने कहा कि हमारा देश सनातन देश है, सनातन से ही प्रकृति पूजा कर रहा है। हमारे देश के लोगों का मन नदी, पेड़-पौधे यथा बरगद सहित प्रकृति के सभी अंग को साथ में रखता है। उनके बिना सनातन समाज का जीवन ही नहीं चलता। हिन्दू संस्कृति सभ्यता में प्रकृति के बिना जीवन ही कल्पना नहीं है और प्रकृति को खराब करने का सवाल पैदा ही नहीं होता।
प्रो. सुरेश अग्रवाल ने कहा कि एक प्रसंग में नारद जी ने ऋषि दुर्वासा को भी बेबाक रूप से खरी बात बोल दी थी। वर्तमान में भी पत्रकार को इसी प्रकार से बेबाक होकर अपनी राय रखनी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि डॉ. महावीर प्रसाद कुमावत ने कहा कि भाषा, जाति, अर्थ और क्षेत्र के विषमताओं को दूर करना संघ लक्ष्य है, तभी श्रेष्ठ भारत बन सकता है और तभी हम विश्व गुरु बन सकते हैं।
कार्यक्रम की प्रस्तावना विश्व संवाद केंद्र के सचिव प्रवीण कोटिया ने प्रस्तुत की। पत्रकार मनीष मेघवाल ने श्रेणीवार सम्मानित होने वाले पत्रकारों का परिचय करवाया। संचालन भानुप्रिया और धन्यवाद अध्यक्ष कमल प्रकाश ने ज्ञापित किया। समारोह के प्रारंभ में राष्ट्रगीत वन्देमातरम व अंत में राष्ट्रगान का गायन हुआ।
5 श्रेणी में उत्कृष्ट पत्रकार को देवर्षि नारद सम्मान
चित्तौड़ प्रांत के पत्रकारों से 5 श्रेणियों में ऑनलाइन प्रविष्टियां मांगी गई थी। अंतिम तिथि 25 अप्रैल तक प्रांत के 13 जिलों से कुल 132 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत निर्णायक मण्डल द्वारा पत्रकार (प्रिंट) पुरस्कार भूपेश दाधीच दैनिक नवज्योति उदयपुर, उत्कृष्ट पत्रकार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का पुरस्कार मुकेश हिंगड दैनिक भास्कर डिजिटल एप उदयपुर, उत्कृष्ट छायाकार का पुरस्कार बलराम मेहता राजस्थान पत्रिका बारां, उत्कृष्ट पत्रकार (यूट्यूब चैनल) का पुरस्कार निपुण भार्गव, चैनल निदेशक ‘बात आज की’ अजमेर और उत्कृष्ट स्तंभकार का पुरस्कार भंवर सिंह कछवाहा संपादक बालाजी टाइम्स को प्रदान किया गया। प्रत्येक श्रेणी में चयनित उत्कृष्ट पत्रकार को स्मृति चिन्ह, पुस्तक देवर्षि नारद संचार दर्शन एवं 21-21 हजार की सम्मान राशि प्रदान की गई।
साहित्य बिक्री स्टॉल
समारोह स्थल पर साहित्य बिक्री के लिए स्टॉल लगाई गई। जहां वैदिक ज्ञान परंपरा और गुरुवाणी, हिन्दुत्व – हिन्दू राष्ट्र विकास पथ, तत्वमसि, भारतीय संस्कृति का विश्व संचार, भारत का संविधान, जीवन की उड़ान, जंगल सत्याग्रह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारतीय स्त्री चिंतन और भूमिका, स्वदेशी समाज, डॉक्टर हेडगेवार संघ और स्वतंत्रता संग्राम, हिन्दू धर्म संस्कृति समाज राष्ट्र, हिन्दू राष्ट्र क्यों सहित विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हैं।
पत्रकार सम्मान समारोह के दौरान आद्य संवाददाता देवर्षि नारद के जीवन पर आधारित वृत्तचित्र (डॉक्युमेंट्री) का प्रदर्शन भी किया गया। जिसमें देवर्षि नारद के संचार संबंधित आयामों को विशेष रूप से उल्लेखित किया गया। समारोह स्थल पर भारत के संविधान में अंकित चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इन चित्रों को संबंधित अध्याय से संबंधित कर व्याख्या के साथ दर्शाया गया। आगंतुकों ने संविधान प्रदर्शनी का अवलोकन कर इतिहास को जाना।
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