भारत पहले आता है, मुसलमान बाद में, मेरे पूर्वज हिंदू पंडित थे, रुबिका

भारत पहले आता है, मुसलमान बाद में, मेरे पूर्वज हिंदू पंडित थे, रुबिका

भारत पहले आता है, मुसलमान बाद में, मेरे पूर्वज हिंदू पंडित थे,  रुबिका

भारत पहले आता है, मुसलमान बाद में, मेरे पूर्वज हिंदू पंडित थे, बहुसंख्यक मुस्लिम ऐसे ही: रुबिका

शनिवार को गुवाहाटी में 29 सितंबर मशहूर टेलीविजन एंकर रुबिका लियाकत ने कहा, "भारतीय शब्द पहले आता है। और मुस्लिम बाद में आता है। मैं एक भारतीय मुस्लिम हूं, भारतीय शब्द पहले आता है और मुस्लिम बाद में। अगर मैं इस दुनिया के किसी भी कोने में जाती हूं, मेरी पहली पहचान भारतीय होगी और कुछ पंक्तियों के बाद मैं कहूंगी कि मैं एक भारतीय मुस्लिम हूं।" उन्होंने अपनी सात पीढ़ियों का नाम बताते हुए कहा कि उनके पूर्वज हिंदू पंडित थे और देश के बहुसंख्यक मुसलमानों का ऐसा ही है

शनिवार को जिला पुस्तकालय और असम साहित्य सभा के सभागार में शंकरदेव इजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (एसईआरएफ) द्वारा

आयोजित 'इन सर्च ऑफ रूट्स' (जड़ों की तलाश ) थीम पर आधारित तीन दिवसीय प्रागज्योतिषपुर साहित्यिक महोत्सव (पीएलएफ) के पहले सत्र में मुख्य भाषण रखते हुए रुबिका लियाकत ने अपनी जड़ों से जुड़े रहने और परंपरा तथा संस्कृतियों से अलग न होने की जरूरतों पर जोर देते हुए कहा कि ने इस्लाम धर्म स्वीकार करने का फैसला किया और वे अपने पूर्वजों के फैसले को सर पर पगड़ी की तरह रख कर उनका सम्मान करते हुए भारत से प्यार करती हैं। प्रसिद्ध पत्रकार ने कहा कि जिस मिट्टी में हमारी जड़ें हैं, उसकी बात होनी चाहिए और वह जड़ है भारत ।

बिकनी पहन कर नरेंद्र मोदी का बिस्तर...': बुर्का विवाद में रुबिका लियाकत को  गाली

 उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान की अहमियत को देश समझने लगा है। युवाओं को पुरानी बातें पसंद नहीं आती थीं, लेकिन अब भारत अपनी जड़ों की खुशबू को महसूस करने लगा है और अब तो होटल और दुकानों के नाम भी भारतीयता से आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि जिस पेड़ की जड़ जितनी मजबूत होगी उसके तने उतने ही शक्तिशाली