उसके लड़ने का प्रयोजन
उसके लड़ने का प्रयोजन
उसके लड़ने का प्रयोजन
उसका हर लड़ना सिर्फ बाहरी झगड़े का नाम नहीं था।
वह हर बदलते मौसम में घर की दीवारों की मजबूती परखना चाहता था।
बेमौसम बारिश, तपती धूप, और सर्द हवाओं के बीच उसके संघर्ष का मकसद था
यह देखना कि क्या घर अब भी उसे वही सुरक्षा और अपनापन दे सकता है।
यह लड़ाई केवल दीवारों की नहीं थी, बल्कि उस विश्वास की थी,
जो उसने सालों पहले इन ईंटों में देखा था।
हर टूटते कोने और दरार के बावजूद वह उन्हें सुधारने की कोशिश करता रहा।
उसके लिए घर केवल एक इमारत नहीं, बल्कि उसकी आत्मा का बसेरा था।
हर बार जब वह गिरता, उठता, और दीवारों को सहारा देता, तो वह खुद को भी खड़ा कर रहा होता। शायद यही उसकी असली परीक्षा थी।