पायलट नहीं तो बैठाते क्यों हो... टाटा में घर वापसी के बाद भी नहीं सुधरी एयर इंडिया की हालत

टाटा ग्रुप का हिस्सा बनने के बाद भी एयर इंडिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाद सांसद सुप्रिया सुले और ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर डेविड वॉर्नर ने एयरलाइन की शिकायत की है। डीजीसीए ने इन मामलों का संज्ञान लिया है।

Mar 24, 2025 - 06:15
 0  17
पायलट नहीं तो बैठाते क्यों हो... टाटा में घर वापसी के बाद भी नहीं सुधरी एयर इंडिया की हालत
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप ने 2022 में पहले एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था। लेकिन तीन साल गुजर जाने के बाद भी एयरलाइन की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। एयर इंडिया द्वारा कभी बुजुर्ग यात्रियों को वीलचेयर ना देने तो कभी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे वीआईपी लोगों को भी फ्लाइट में टूटी और धंसी सीट देने जैसे आरोपों के बीच एयर इंडिया एक बार फिर खराब सर्विस देने की वजह से आरोपों के घेरे में है। इस बार यह आरोप महाराष्ट्र से सांसद सुप्रिया सुले और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेविड वार्नर ने लगाए हैं। दोनों ही मामलों में आरोप बेहद गंभीर हैं। इन मामलों को एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने संज्ञान में लिया है। जिस पर आने वाले समय में एक्शन हो सकता है।राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) की नेता और महाराष्ट्र से सांसद सुप्रिया सुले ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रीमियम किराया देने के बावजूद एयर इंडिया की उड़ानों में देरी आम बात हो गई है। सुले ने एयर इंडिया की जिस उड़ान में बुकिंग कराई थी। उसमें एक घंटे 19 मिनट की देरी हुई। सुले ने कहा कि फ्लाइट ट्रैकर (फ्लाइट की लाइव जानकारी देने वाला सिस्टम) से भ्रामक जानकारी मिली रही थी। मैं फ्लाइट में दिल्ली एयरपोर्ट पर फंसी हुई थी। लेकिन ट्रैकर में दिखाई दे रहा था कि फ्लाइट टेक ऑफ कर चुकी है। उन्होंने इस मुद्दे को केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू के सामने उठाने की बात कहते हुए मांग की कि एयर इंडिया जैसी विमानन कंपनियों को जवाबदेह बनाने के लिए सख्त नियम लागू होने चाहिए।

डेविड वॉर्नर की शिकायत

यहीं, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेविड वॉर्नर ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्होंने एयर इंडिया की एक ऐसी फ्लाइट में बोर्ड किया। जिसमें कोई पायलट ही नहीं था। उन्हें घंटो इंतजार करना पड़ा। उन्होंने हैरानी जताते हुए एयर इंडिया को कहा कि जब पायलट ही नहीं हैं तो फिर आप यात्रियों को फ्लाइट में बैठाते ही क्यों हो। इस मसले पर एयर इंडिया ने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर खराब मौसम का हवाला देते हुए सफाई भी दी है।इससे पहले 22 फरवरी को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एयर इंडिया की सर्विस को घटिया बताते हुए एक्स पर शिकायत की थी कि जब वह एयर इंडिया की फ्लाइट में भोपाल से दिल्ली आ रहे थे। तब उन्हें आवंटित की गई सीट टूटी और अंदर धंसी हुई थी। उस पर बैठना तकलीफदायक था। उन्होंने यह भी लिखा था कि उनकी धारणा थी कि टाटा प्रबंधन के हाथ में लेने के बाद एयर इंडिया की सेवा बेहतर हुई होंगी, लेकिन यह उनका भ्रम निकला। उन्होंने एयर इंडिया से सवाल करते हुए लिखा था कि यात्रियों से पूरा पैसा वसूलने के बाद उन्हें खराब और कष्टदायक सीट पर बैठाना अनैतिक है। क्या यह यात्रियों के साथ धोखा नहीं है।इसी तरह से चार मार्च को दिल्ली एयरपोर्ट के टी-3 पर 82 साल की एक बुजुर्ग महिला को एयर इंडिया द्वारा वीलचेयर ना देने का मामला सामने आया था। जिसमें वीलचेयर ना मिलने पर बुजुर्ग महिला पैदल चल दी थी और बीच रास्ते में गिर पड़ी। उन्हें गंभीर चोट लगी थी। 12 फरवरी 2024 को 80 साल के बाबू पटेल अपनी 76 साल की पत्नी नर्मदाबेन पटेल के साथ न्यूयॉर्क से मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड किए थे। आरोप था कि एयर इंडिया पर दोनों बुजुर्ग को बुकिंग के वक्त वीलचेयर बुक कराने के बावजूद एक ही वीलचेयर दी गई थी। जिसमें पैदल चलने से 80 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई थी।

एयर इंडिया को अपनी सेवाओं में लाना होगा सुधार

लगातार अपनी खराब सेवाओं की वजह से सुर्खियों में रहने वाली एयर इंडिया को अपनी सेवाओं में सुधार लाना होगा। डीजीसीए को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि वह यात्रियों की सेवाओं को टॉप प्रायरिटी दे। जिससे की एयरलाइंस किसी एक गलती को दोबारा करने की हिम्मत ना कर सकें। दिल्ली एयरपोर्ट पर चार मार्च को बुजुर्ग महिला को वीलचेयर ना देने वाले मामले में एयर इंडिया ने डीजीसीए के नोटिस का जवाब दिया है। जिसमें उसने कहा है कि फरवरी महीने में उसने देशभर में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 96 हजार वीलचेयर उपलब्ध कराईं। इस जवाब से डीजीसीए भी हैरान है। सचाई का पता लगाया जा रहा है। अगर जवाब सही नहीं निकला तो सख्त एक्शन होगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

wow

sad

@Dheeraj kashyap युवा पत्रकार- विचार और कार्य से आने वाले समय में अपनी मेहनत के प्रति लगन से समाज को बेहतर बना सकते हैं। जरूरत है कि वे अपनी ऊर्जा, साहस और ईमानदारी से र्काय के प्रति सही दिशा में उपयोग करें , Bachelor of Journalism And Mass Communication - Tilak School of Journalism and Mass Communication CCSU meerut / Master of Journalism and Mass Communication - Uttar Pradesh Rajarshi Tandon Open University पत्रकारिता- प्रेरणा मीडिया संस्थान नोएडा 2018 से केशव संवाद पत्रिका, प्रेरणा मीडिया, प्रेरणा विचार पत्रिका,