प्रयागराज: कुमार विश्वास ने महाकुंभ 2025 को बताया '144 वर्षों का दुर्लभ संयोग'
प्रयागराज: कुमार विश्वास ने महाकुंभ 2025 को बताया '144 वर्षों का दुर्लभ संयोग, Prayagraj Kumar Vishwas calls Mahakumbh 2025 rare coincidence of 144 years,
प्रयागराज: कुमार विश्वास ने महाकुंभ 2025 को बताया '144 वर्षों का दुर्लभ संयोग'
प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर महाकुंभ 2025 के आयोजन को लेकर कवि और प्रसिद्ध वक्ता डॉ. कुमार विश्वास ने इसे 144 वर्षों में जुड़ा दुर्लभ संयोग बताया। उन्होंने कहा, "यह हमारा परम सौभाग्य है कि हम इस अद्वितीय आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। गंगा किनारे मैं यही कहूंगा - 'तपस्वी राम के चरणों चढ़ी उपहार तक आई, हमारी मां हमारे लोक के स्वीकार तक आई।' मां गंगा ने हमारा प्रणाम स्वीकार किया है, यही सबसे बड़ी बात है।"
कुमार विश्वास ने यह बात प्रयागराज में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान कही। अपनी बात समाप्त करते हुए उन्होंने संगम में स्नान करने की घोषणा की।
महाकुंभ 2025: अनोखा आध्यात्मिक आयोजन
महाकुंभ मेला, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन माना जाता है, 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन 12 वर्षों के अंतराल पर होता है और इस बार इसकी विशिष्टता यह है कि यह 144 वर्षों बाद एक दुर्लभ खगोलीय संयोग के साथ संपन्न होगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान करेंगे, जो गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम है।
कुमार विश्वास: एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व
डॉ. कुमार विश्वास, हिंदी साहित्य और कविताओं के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम हैं। अपनी ओजपूर्ण वाणी और प्रभावशाली शैली के लिए जाने जाने वाले कुमार विश्वास ने कवि सम्मेलनों के मंच को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उनकी कविताएं न केवल सामाजिक मुद्दों पर गहरी चोट करती हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं का भी खूबसूरत चित्रण करती हैं।
महाकुंभ के महत्व पर बात करते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं से इस आयोजन का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने इसे न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।