एनटीए 2025 से नहीं कराएगी भर्ती परीक्षाएं
एनटीए 2025 से नहीं कराएगी भर्ती परीक्षाएं, NTA will not conduct recruitment examinations from 2025
एनटीए 2025 से नहीं कराएगी भर्ती परीक्षाएं
शिक्षा मंत्री प्रधान ने किया एलान- सिर्फ उच्च शिक्षा में प्रवेश से जुड़ी परीक्षाएं ही कराएगी एजेंसी
एनटीए पर गठित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिश पर शिक्षा मंत्रालय ने लिया फैसला
प्रधान ने बताया कि परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए राज्यों और जिलों को परीक्षा प्रक्रिया में जोड़ा गया है। परीक्षा केंद्र अब बगैर डीएम-एसपी की सहमति के नहीं बनेंगे। परीक्षाओं को साइबर खतरे से बचाने को राज्यों की साइबर एजेंसियों की मदद ली जाएगी।
जेईई मेन, सीयूईटी कंप्यूटर से होगी, नीट पर अभी फैसला नहीं
एनटीए में सुधार को लेकर गठित समिति की सिफारिश के बाद मंत्रालय ने जेईई मेन, सीयूईटी व नेट जैसी परीक्षा को पूरी तरह से कंप्यूटर के जरिये कराने का फैसला लिया है, जबकि नीट पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिन परीक्षाओं का प्रशासनिक जिम्मा शिक्षा मंत्रालय के पास था, उन सभी को हमने कंप्यूटर आधारित कराने का फैसला लिया है। नीट की प्रशासनिक एजेंसी स्वास्थ्य मंत्रालय है और उसे फैसला लेना है। इस संबंध में उनकी दो बार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से चर्चा हो चुकी है। हम नीट भी कंप्यूटर से कराने के लिए तैयार हैं। मौजूदा समय में नीट पेन-पेपर और ओएमआर मोड में होता है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को एलान किया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) अगले साल यानी 2025 से भर्ती परीक्षाएं नहीं आयोजित करेगी। वह अब सिर्फ उच्च शिक्षा में प्रवेश से जुड़ी जेईई मेन, नीट, सीयूईटी जैसी परीक्षाएं ही कराएगी। इसके लिए 2025 में एनटीए का पुनर्गठन भी किया जाएगा। साथ ही एनटीए में स्थायी रूप से नए पद भी सृजित किए जाएंगे। इनमें दस पद शीर्ष स्तर के हैं।
यह पहल नीट में बड़े स्तर पर मिली गड़बड़ी के बाद इसरो के पूर्व अध्यक्ष डा. के राधाकृष्णन की अगुआई में गठित समिति की सिफारिश के बाद की गई है। समिति ने अपनी यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को अक्टूबर 2024 में सौंपी थी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि समिति की सिफारिश पर काम शुरू कर दिया गया है। जो अहम कदम उठाए गए हैं, उनके तहत परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया बदली गई है। अब सिर्फ सरकारी संस्थानों, कालेजों व स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।