प्रजा की रक्षा करना राजा का धर्म : पहलगाम हमले पर बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि गुंडों को सबक सिखाना भी धर्म है। राजा का धर्म है प्रजा की रक्षा करना king to protect his subjects RSS chief Mohan Bhagwat spoke on Pahalgam attack, मोहन भागवत बोले — 'अहिंसा हमारा स्वभाव है, लेकिन गुंडों को सबक सिखाना भी धर्म है
प्रजा की रक्षा करना राजा का धर्म : पहलगाम हमले पर बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश है। इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान इस हमले को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गुंडों को सबक सिखाना भी हमारा धर्म है।
मोहन भागवत ने स्पष्ट कहा कि राजा का प्रमुख कर्तव्य प्रजा की रक्षा करना है और दुर्जनों को दंड देना भी धर्म का पालन है। उन्होंने रावण वध का उदाहरण देते हुए समझाया कि रावण का वध भी कल्याण के लिए हुआ था, इसलिए अत्याचारियों को सबक सिखाना भी अहिंसा के दायरे में आता है।
मोहन भागवत के बयान की प्रमुख बातें:
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अहिंसा हमारा स्वभाव और मूल्य है, लेकिन जब कोई नहीं बदलता और दुनिया को परेशान करता है तो उसे रोकना भी आवश्यक है।
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गुंडों को सबक सिखाना भी धर्म है, यह किसी से द्वेष नहीं बल्कि समाज की रक्षा के लिए जरूरी है।
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राजा का कर्तव्य है प्रजा की रक्षा करना, और समय आने पर कठोर कदम उठाना भी धर्म का पालन ही है।
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हम कभी अपने पड़ोसियों का अपमान या नुकसान नहीं करते, लेकिन यदि कोई बुराई पर उतर आए तो जवाब देना अनिवार्य हो जाता है।
भागवत ने कहा कि भारत की संस्कृति में अहिंसा को सर्वोपरि माना गया है, लेकिन सुरक्षा के लिए समय पर उचित प्रतिक्रिया देना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने अपने संबोधन में यह भी जोड़ा कि धर्म और नीति के अनुसार चलकर ही समाज का कल्याण संभव है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले में कई निर्दोष नागरिक घायल हुए हैं, जिससे पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। इसी संदर्भ में मोहन भागवत ने यह टिप्पणी की है।
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