UPI ने जुलाई 2025 में तोड़े सारे रिकॉर्ड: 25.08 लाख करोड़ रुपये के 19.47 अरब लेन-देन, हर दिन 62.8 करोड़ ट्रांजैक्शन
जुलाई 2025 में UPI ने नया रिकॉर्ड बनाया। 25.08 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 19.47 अरब लेन-देन, हर दिन औसतन 62.8 करोड़ ट्रांजैक्शन। जून से 5.8% अधिक और पिछले साल की तुलना में 35% की बढ़ोतरी। जानें IMPS और FASTag के आंकड़े।
UPI ने जुलाई में तोड़े सभी रिकॉर्ड: 25.08 लाख करोड़ रुपये के 19.47 अरब लेन-देन, हर दिन 62.8 करोड़ ट्रांजैक्शन
भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे लोकप्रिय माध्यम UPI (Unified Payments Interface) एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ आंकड़ों के साथ चर्चा में है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 में UPI ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छुआ। इस महीने में UPI के जरिए 19.47 अरब (19.47 billion) ट्रांजैक्शन हुए, जिनका कुल मूल्य 25.08 लाख करोड़ रुपये (25.08 trillion INR) रहा।
जून की तुलना में जुलाई में तेज़ी
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जून 2025 में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या 18.40 अरब थी, जो जुलाई में बढ़कर 19.47 अरब हो गई।
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यह 5.8% की वृद्धि है।
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मूल्य के हिसाब से भी जून के 24.04 लाख करोड़ रुपये से जुलाई में 25.08 लाख करोड़ रुपये हो गए, यानी 4.3% की बढ़ोतरी।
दैनिक लेन-देन का नया रिकॉर्ड
जुलाई में औसतन हर दिन 62.8 करोड़ (628 million) UPI ट्रांजैक्शन हुए।
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जून में यह संख्या 613 मिलियन थी।
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मूल्य के हिसाब से, जून के औसत 80,131 करोड़ रुपये से बढ़कर जुलाई में 80,919 करोड़ रुपये हो गया।
पिछले साल की तुलना में तेज़ ग्रोथ
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जुलाई 2024 की तुलना में UPI ट्रांजैक्शन की मात्रा 35% अधिक रही।
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ट्रांजैक्शन वैल्यू में 22% की वृद्धि दर्ज की गई।
IMPS ट्रांजैक्शन में भी बढ़ोतरी
UPI के साथ-साथ IMPS (Immediate Payment Service) में भी ग्रोथ देखने को मिली।
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जुलाई में 48.2 करोड़ IMPS ट्रांजैक्शन हुए, जो जून के 44.8 करोड़ से 8% अधिक हैं।
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इनका मूल्य 6.31 लाख करोड़ रुपये रहा, जो जून के 6.06 लाख करोड़ से 4% अधिक है।
FASTag में गिरावट
जहां UPI और IMPS ने नया रिकॉर्ड बनाया, वहीं FASTag ट्रांजैक्शन में हल्की गिरावट आई।
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जुलाई में 371 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए, जो जून के 386 मिलियन से 4% कम हैं।
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मूल्य के हिसाब से भी यह 2% घटकर 6,669 करोड़ रुपये रह गया।
UPI की ग्रोथ के पीछे के कारण
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कैशलेस पेमेंट की बढ़ती आदत – छोटे-बड़े सभी लेन-देन में अब लोग UPI का उपयोग कर रहे हैं।
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QR कोड और मर्चेंट पेमेंट की आसान सुविधा – दुकानों से लेकर हॉकर तक सभी जगह UPI का इस्तेमाल।
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कम ट्रांजैक्शन चार्ज – IMPS और कार्ड पेमेंट की तुलना में UPI लगभग फ्री है।
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24×7 इंस्टेंट पेमेंट – बैंक समय पर निर्भर नहीं, कहीं भी और कभी भी भुगतान की सुविधा।
जुलाई 2025 के आंकड़े यह साफ दिखाते हैं कि UPI भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की रीढ़ बन चुका है। छोटे भुगतान से लेकर बड़े ट्रांजैक्शन तक, अब लोग कैश से ज्यादा मोबाइल पेमेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले महीनों में फेस्टिव सीज़न के चलते UPI ट्रांजैक्शन में और भी उछाल आने की संभावना है।