UPI Payment अब बिना PIN के होगा | Biometric Authentication से पेमेंट होगा आसान और सुरक्षित
UPI पेमेंट के लिए अब PIN की जरूरत नहीं, सरकार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सिस्टम (Face ID, Fingerprint) पर काम कर रही है। जानिए इसके फायदे और नए UPI बदलाव, UPI बिना PIN पेमेंट, UPI बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, Face ID UPI पेमेंट, फिंगरप्रिंट से UPI पेमेंट, NPCI UPI बदलाव, UPI बिना पासवर्ड, डिजिटल पेमेंट बदलाव 2025, UPI नए नियम अगस्त 2025,
UPI Payment: अब बिना PIN के होगा डिजिटल पेमेंट, सरकार ला रही है बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सिस्टम
भारत में डिजिटल पेमेंट को और आसान और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव आने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) अब UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है। इस बदलाव के बाद UPI पेमेंट करते समय PIN डालने की जरूरत नहीं होगी और इसकी जगह फिंगरप्रिंट या Face ID से पेमेंट की मंजूरी दी जा सकेगी।
अभी तक UPI पेमेंट कैसे होता है?
फिलहाल UPI से पेमेंट करते समय आपको 4 से 6 अंकों का UPI PIN डालना पड़ता है। यह सुरक्षा की दृष्टि से ज़रूरी है, लेकिन कई बार यह प्रक्रिया को थोड़ा धीमा कर देता है।
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सीनियर सिटीजन और
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ग्रामीण क्षेत्रों के यूजर्स
के लिए PIN याद रखना और हर बार टाइप करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन आने के बाद क्या बदलेगा?
नए सिस्टम में UPI पेमेंट के लिए सिर्फ आपके शरीर की यूनिक आइडेंटिटी का इस्तेमाल होगा, जैसे:
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फिंगरप्रिंट स्कैन
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Face ID
यह सुविधा स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक डिवाइस दोनों पर उपलब्ध हो सकती है।
इससे फायदा यह होगा कि पासवर्ड याद रखने की जरूरत नहीं होगी और पेमेंट प्रोसेस तेज और सुरक्षित हो जाएगा।
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के फायदे
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आसान पेमेंट – PIN टाइप करने की जरूरत नहीं।
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ज्यादा सुरक्षा – नकली पहचान या चोरी हुए PIN से पेमेंट असंभव।
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सीनियर सिटीजन और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मददगार – जिन्हें PIN याद रखना या स्मार्टफोन पर टाइप करना कठिन लगता है।
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तेज ट्रांजैक्शन – फेस या फिंगरप्रिंट से तुरंत मंजूरी।
UPI सिस्टम में अन्य नए बदलाव
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ऑटो-डेबिट ट्रांजैक्शन (जैसे EMI, OTT सब्सक्रिप्शन) अब केवल:
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सुबह 10 बजे से पहले
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रात 9:30 बजे के बाद
ही प्रोसेस होंगे।
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मोबाइल नंबर से लिंक बैंक अकाउंट जानकारी → दिन में सिर्फ 25 बार ही देख पाएंगे।
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पेंडिंग ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक → दिन में सिर्फ 3 बार, हर प्रयास के बीच 90 सेकंड का अंतर।
अगर NPCI का यह बायोमेट्रिक सिस्टम लागू होता है, तो UPI पेमेंट और भी स्मूद, सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली बन जाएगा। यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जिन्हें PIN याद रखना मुश्किल लगता है या जो टेक्नोलॉजी के मामले में नए हैं। आने वाले समय में यह बदलाव भारत में डिजिटल पेमेंट को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।