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17 नवंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
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1278 - इंग्लैड़ में यहूदियों का उत्पीड़न 1278 में इंग्लैंड में 680 यहूदियों को नकली मुद्रा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इनमें से 293 को फाँसी पर लटका दिया गया, जो यहूदियों के खिलाफ किए गए अत्याचारों का एक प्रमुख उदाहरण था। इस घटना ने इंग्लैंड में यहूदियों के खिलाफ बढ़ते भेदभाव और शोषण को उजागर किया। यह घटना इंग्लैंड के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हुई।
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1525 - बाबर का भारत में पुनः प्रवेश 1525 में मुग़ल शासक बाबर ने भारत को जीतने के उद्देश्य से सिंध के रास्ते पांचवीं बार प्रवेश किया। बाबर का यह प्रयास भारतीय उपमहाद्वीप में मुग़ल साम्राज्य की नींव रखने की दिशा में महत्वपूर्ण था। बाबर की यह यात्रा भारतीय इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुई और उसने बाद में पानीपत की पहली लड़ाई में दिल्ली के सुलतान इब्राहीम लोदी को हराया।
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1831 - इक्वाडोर और वेनेजुएला का विभाजन 1831 में इक्वाडोर और वेनेजुएला ने ग्रेटर कोलंबिया से अलग होकर स्वतंत्रता की दिशा में कदम बढ़ाया। यह विभाजन ग्रेटर कोलंबिया के विघटन का हिस्सा था, जो 1819 में साइमोन बोलिवर द्वारा स्थापित किया गया था। यह घटनाक्रम दक्षिण अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण क्षणों में से एक था, जिसने इन देशों को स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया मार्ग दिखाया।
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1869 - जेम्स मूरी की साइकिल रेस 1869 में इंग्लैंड के जेम्स मूरी ने 13 हजार किलोमीटर लंबी पहली साइकिल रेस जीती। यह रेस न केवल एक खेल के रूप में महत्वपूर्ण थी, बल्कि इसने साइकिल की दुनिया में एक नई दिशा दी। मूरी की इस सफलता ने साइकिल चलाने को एक लोकप्रिय खेल बना दिया और रेसिंग के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए।
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1932 - तीसरे गोलमेज सम्मेलन की शुरुआत 1932 में तीसरे गोलमेज सम्मेलन की शुरुआत हुई, जो भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ होने वाले आंदोलनों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटना थी। यह सम्मेलन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और ब्रिटिश सरकार के बीच वार्ता का हिस्सा था। इसके उद्देश्य में भारतीयों के लिए अधिक राजनीतिक अधिकार देने की दिशा में विचार विमर्श करना था, हालांकि इस सम्मेलन का कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
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1933 - अमेरिका द्वारा सोवियत संघ की मान्यता 1933 में अमेरिका ने सोवियत संघ को औपचारिक रूप से मान्यता दी और व्यापार के लिए सहमति दी। यह कदम अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ था, क्योंकि इससे सोवियत संघ की वैश्विक स्थिति में सुधार हुआ और अमेरिका के साथ उसके व्यापारिक रिश्ते स्थापित हुए। यह घटनाक्रम द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला था।
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1966 - रीता फारिया का मिस वर्ल्ड खिताब 1966 में भारत की रीता फारिया ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीता। वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता को जीतने वाली पहली एशियाई महिला बनीं। उनकी यह उपलब्धि न केवल भारत के लिए गर्व का विषय थी, बल्कि उन्होंने एशियाई देशों की महिलाओं के लिए भी एक नई मिसाल कायम की। फारिया की सफलता ने महिला सशक्तिकरण और सौंदर्य प्रतियोगिताओं के प्रति दृष्टिकोण में एक सकारात्मक बदलाव लाया।
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1970 - लुनाखोद-1 का चंद्रतल पर अवतरण 1970 में सोवियत अंतरिक्ष यान 'लुनाखोद-1' चन्द्रतल पर उतरा। यह मिशन सोवियत संघ के लिए एक ऐतिहासिक सफलता था क्योंकि इसने चंद्रमा पर रोबोटिक लैंडिंग की थी। लुनाखोद-1 ने चंद्रमा की सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग किए और यह चंद्र अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
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1993 - NAFTA को मंजूरी 1993 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने उत्तरी अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (NAFTA) को मंजूरी दी। इस समझौते ने अमेरिका, कनाडा, और मेक्सिको के बीच व्यापारिक संबंधों को सशक्त किया और क्षेत्रीय आर्थिक एकता को बढ़ावा दिया। NAFTA ने इन देशों के व्यापारिक ढांचे में बदलाव लाया और वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।
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2006 - भारत-अमेरिका परमाणु संधि की मंजूरी 2006 में अमेरिकी सीनेट ने भारत-अमेरिका परमाणु संधि को मंजूरी दी। इस संधि के माध्यम से भारत को परमाणु आपूर्ति समूह से मिलने वाली सुविधाओं के लिए एक मार्ग प्रशस्त हुआ। यह संधि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और वैश्विक परमाणु प्रतिबंधों से भारत को मुक्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था।
17 नवंबर को जन्मे व्यक्ति
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सीरिल रामाफोसा (1952) - दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सीरिल रामाफोसा, दक्षिण अफ़्रीका के वर्तमान राष्ट्रपति, एक प्रमुख राजनेता और व्यवसायी हैं। उन्होंने अफ़्रीका राष्ट्रीय कांग्रेस (ANC) के सदस्य के रूप में राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और बाद में दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति बने। उनके नेतृत्व में दक्षिण अफ़्रीका ने आर्थिक सुधार और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।
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कपिल कपूर (1940) - भारतीय भाषा विज्ञानी कपिल कपूर भारतीय भाषा विज्ञान और साहित्य के एक प्रमुख विद्वान हैं। उन्होंने भारतीय भाषाओं के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अंग्रेज़ी के प्रोफेसर के रूप में शिक्षा क्षेत्र में भी अपनी छाप छोड़ी। उनकी शोध और लेखन ने भारतीय भाषाओं को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।
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पद्मजा नायडू (1900) - भारतीय राजनीतिज्ञ पद्मजा नायडू, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ श्रीमती सरोजिनी नायडू की पुत्री थीं। उन्होंने अपने जीवन को भारत की स्वतंत्रता और सामाजिक सुधार के लिए समर्पित किया। उन्होंने भारतीय राजनीति में महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
17 नवंबर को हुए निधन
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मोहनजी प्रसाद (2020) - फ़िल्म निर्देशक मोहनजी प्रसाद हिन्दी और भोजपुरी फ़िल्मों के एक प्रसिद्ध निर्देशक थे। उनके द्वारा निर्देशित फिल्मों ने भोजपुरी सिनेमा को नया आयाम दिया और उन्हें इस क्षेत्र में एक सम्मानित स्थान दिलाया। उनका निधन सिनेमा जगत के लिए एक बड़ी क्षति थी।
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कुलदीप सिंह चाँदपुरी (2018) - भारतीय सेना अधिकारी कुलदीप सिंह चाँदपुरी भारतीय सेना के एक वीर सैन्य अधिकारी थे, जो लौंगावाला के युद्ध में अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध हुए। उन्हें उनकी बहादुरी और देशभक्ति के लिए अनेक पुरस्कार मिले थे। उनका योगदान भारतीय सेना के इतिहास में अमिट रहेगा।
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बाल ठाकरे (2012) - राजनेता और शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे भारतीय राजनीति के एक प्रसिद्ध और विवादास्पद नेता थे। उन्होंने शिवसेना पार्टी की स्थापना की और महाराष्ट्र में हिंदुत्व की विचारधारा को फैलाया। उनके नेतृत्व में शिवसेना ने राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
17 नवंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव
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राष्ट्रीय पुस्तक दिवस (सप्ताह) राष्ट्रीय पुस्तक दिवस का आयोजन प्रत्येक वर्ष पुस्तक प्रेमियों और लेखकों को सम्मानित करने के लिए किया जाता है। यह सप्ताह साहित्य और ज्ञान के प्रसार के प्रति जागरूकता फैलाने का एक प्रमुख माध्यम है, जिससे समाज में पढ़ाई के महत्व को बढ़ावा मिलता है।
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नवजात शिशु दिवस (सप्ताह) नवजात शिशु दिवस का उद्देश्य नवजात बच्चों की देखभाल, उनके स्वास्थ्य और पोषण के महत्व को बढ़ावा देना है। यह सप्ताह समाज को बच्चों के जन्म के समय की उचित देखभाल और सुरक्षा के प्रति जागरूक करता है, ताकि उनकी शारीरिक और मानसिक वृद्धि हो सके।
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विश्व छात्र दिवस विश्व छात्र दिवस छात्रों के महत्व और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। यह दिन छात्रों को प्रेरित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है ताकि वे अपने लक्ष्यों की ओर मेहनत और समर्पण से बढ़ें।