अभी पिक्चर बाकी है.. मनोज नरवणे, पूर्व आर्मी चीफ कोन हैं मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय सेना के प्रमुख

यह समाचार लेख जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा की गई सख्त कार्रवाई पर आधारित है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकवादी शिविरों पर हमला किया, जिसे "ऑपरेशन सिंदूर" के नाम से जाना गया। इस ऑपरेशन के बाद, पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "पिक्चर अभी बाकी है," जो भारतीय सेना की आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की भावना को दर्शाता है। यह हमला पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश भेजने के लिए था, जिसमें भारत ने यह स्पष्ट किया कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी युद्धनीति जारी रखेगा।

May 7, 2025 - 11:01
May 7, 2025 - 11:02
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अभी पिक्चर बाकी है.. मनोज नरवणे, पूर्व आर्मी चीफ कोन हैं मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय सेना के प्रमुख
कोन हैं मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय सेना के प्रमुख

अभी पिक्चर बाकी है.. मनोज नरवणे, पूर्व आर्मी चीफ कोन हैं मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय सेना के प्रमुख

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी शिविरों पर कड़ी कार्रवाई की। इस ऑपरेशन को "ऑपरेशन सिंदूर" नाम दिया गया है, जिसमें भारतीय सेना ने आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक सख्त संदेश भेजा है। यह हमला पाकिस्तान को यह बताने के लिए था कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी निर्णायक कार्रवाई जारी रखेगा।

पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने इस ऑपरेशन के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने लिखा, "पिक्चर अभी बाकी है," जो इस बात का संकेत था कि भारतीय सेना ने अब तक की कार्रवाई से कहीं अधिक गंभीर कदम उठाने की तैयारी की है। उनका यह बयान भारतीय सेना के जुझारू रवैये को दर्शाता है, जो आतंकवादियों और उनके संरक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए तत्पर है।

इस ऑपरेशन के तहत की गई कार्रवाई से यह साफ है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को पूरी तरह से निभाने के लिए तैयार है, और पाकिस्तान के खिलाफ यह संदेश भेजा गया है कि आतंकवाद पर कोई भी समझौता नहीं होगा।

कोन हैं मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय सेना के प्रमुख

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय सेना के एक प्रमुख अधिकारी हैं, जिन्होंने 31 दिसंबर 2019 से 30 अप्रैल 2022 तक भारतीय सेना के 28वें प्रमुख के रूप में सेवा की। उनका जन्म 22 अप्रैल 1960 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था। उनके पिता, मुकुंद नरवणे, भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, और उनकी माता, सुधा, ऑल इंडिया रेडियो में उद्घोषिका थीं

नरवणे ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पुणे के ज्ञान प्रभोधिनी विद्यालय से प्राप्त की। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), पुणे और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद, उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में मास्टर डिग्री, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से रक्षा और प्रबंधन अध्ययन में एम.फिल. की डिग्री और पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला से रक्षा और रणनीतिक अध्ययन में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की

जनरल नरवणे ने 1980 में 7वीं सिख लाइट इन्फैंट्री में कमीशन प्राप्त किया। उन्होंने जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स की 2वीं बटालियन, असम राइफल्स के उत्तर क्षेत्र के महानिरीक्षक, दिल्ली क्षेत्र, खडग स्ट्राइक कोर, सेना प्रशिक्षण कमान और पूर्वी कमान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया

सेवा के दौरान, उन्होंने ऑपरेशन पवन के तहत श्रीलंका में भारतीय शांति सेना बल के हिस्से के रूप में भी कार्य किया और जम्मू-कश्मीर तथा उत्तर-पूर्वी भारत में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भाग लिया। उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM), सेना पदक (SM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) जैसे कई सैन्य अलंकरण प्राप्त हैं

सेवानिवृत्ति के बाद, जनरल नरवणे ने दो पुस्तकें प्रकाशित की हैं और भारतीय रक्षा और रणनीतिक मामलों पर विभिन्न मंचों पर व्याख्यान दिए हैं। हाल ही में, उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के संदर्भ में सोशल मीडिया पर 'पिक्चर अभी बाकी है' के संदेश के साथ अपनी प्रतिक्रिया दी, जो भारतीय सेना की आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की ओर संकेत करता है

AGUSTYA ARORA पत्रकार, लेखक, प्रोड्यूसर और भारतीय न्यूज़ के सहारनपुर जिला प्रभारी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से पत्रकारिता में स्नातक. सामाजिक एवं राजनीतिक, शिक्षा जैसे विषयों में रुचि.