राणा सांगा भारतीय इतिहास के उन वीर योद्धाओं
जानिए राणा सांगा और बाबर से जुड़े इतिहास के सच को। क्या राणा सांगा ने बाबर को भारत बुलाया था या ये सिर्फ एक झूठा प्रचार है? इस लेख में पढ़ें राणा सांगा के स्वाभिमान, शौर्य और धर्मरक्षा की असली कहानी।, राणा सांगा भारतीय इतिहास के उन वीर योद्धाओं
राणा सांगा भारतीय इतिहास के उन वीर योद्धाओं में गिने जाते हैं, जिनकी तलवार में न केवल धार थी, बल्कि आत्मसम्मान और धर्मरक्षा का तेज भी था। यह सोचना ही हास्यास्पद है कि सांगा जैसा शेर बाबर जैसे विदेशी आक्रांता को स्वयं आमंत्रित करेगा। इतिहास के पन्नों में कई बार षड्यंत्रकारियों ने अपनी नीयत और स्वार्थ के कारण झूठी कहानियाँ गढ़ीं, लेकिन तर्क और प्रमाणों पर टिकने वाला इतिहास इन झूठों को नकार देता है।
ऐसा न था कि सांगा की, तलवारों में थी धार नहीं उनका मकसद बस पालन था,
अपना शासन विस्तार नहीं बकरों से लड़ने की खातिर,
क्या सिंह सियार को लाएगा तो चोर उचक्के बाबर को,
सोचो सांगा क्यों बुलवाएगा ये गद्दारों की फितरत है,
मुद्दा कुछ खास नहीं है जी जो तर्कों पर न टिकता हो सच्चा इतिहास नहीं है जी'
राणा सांगा का उद्देश्य कभी शासन विस्तार नहीं था, उनका जीवन धर्म, स्वराज्य और मातृभूमि की रक्षा को समर्पित था। जिस प्रकार सिंह सियारों से लड़ने के लिए अन्य सिंह को नहीं बुलाता, उसी प्रकार सांगा को बाबर जैसे लुटेरे से सहायता लेने की आवश्यकता नहीं थी। दुर्भाग्यवश, आज कुछ लोग इतिहास को अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुरूप मोड़ने का प्रयास करते हैं। लेकिन सत्य यही है कि सांगा का नाम हमेशा स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक रहेगा, न कि किसी गद्दारी या स्वार्थ का।
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