मोदी सरकार लाएगी डिजिटल इंडिया बिल, यूट्यूब के फर्जी कंटेंट पर लगेगी लगाम
सरकार का यह कदम डिजिटल माध्यमों पर फैल रही फर्जी और भ्रमित करने वाली सूचनाओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेष रूप से, झूठे और भ्रमित करने वाले थंबनेल पर भी एक्शन लिया जाएगा ताकि दर्शकों को सही और प्रामाणिक जानकारी मिल सके।
मोदी सरकार लाएगी डिजिटल इंडिया बिल, यूट्यूब के फर्जी कंटेंट पर लगेगी लगाम
- डिजिटल इंडिया बिल लाएगी मोदी सरकार !
- यूट्यूब के फर्जी कंटेंट पर भी लगेगी लगाम !
- डीपफेक और AI पर मोदी सरकार कसेगी लगाम।
- यूट्यूब पर आधा अधूरा सच दिखाने वाले चैनल भी कानून के दायरे में आएंगे।
- झूठे और भ्रमित करने वाले थंबनेल पर भी हो सकेगा एक्शन।
- यूट्यूब समेत सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करने की तैयारी।
नई दिल्ली: मोदी सरकार जल्द ही डिजिटल इंडिया बिल पेश करने जा रही है, जो यूट्यूब और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी कंटेंट, डीपफेक और एआई द्वारा उत्पन्न झूठी जानकारी पर रोक लगाएगा। इस बिल के अंतर्गत यूट्यूब पर आधे अधूरे सच को दिखाने वाले चैनल भी कानून के दायरे में आएंगे और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का यह कदम डिजिटल माध्यमों पर फैल रही फर्जी और भ्रमित करने वाली सूचनाओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेष रूप से, झूठे और भ्रमित करने वाले थंबनेल पर भी एक्शन लिया जाएगा ताकि दर्शकों को सही और प्रामाणिक जानकारी मिल सके।
इस बिल के तहत सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करने की तैयारी की जा रही है, जिससे डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सके। डीपफेक और एआई से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, इस बिल में विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि इन तकनीकों का दुरुपयोग न हो सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हम डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना चाहते हैं ताकि हर नागरिक को सही जानकारी मिल सके और वह फर्जी कंटेंट से बच सके। डिजिटल इंडिया बिल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।"
इस बिल के लागू होने के बाद, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अपने कंटेंट पर अधिक सतर्कता बरतनी होगी और झूठी जानकारी फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखनी होगी।
सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया के उद्देश्यों के साथ तालमेल बिठाते हुए देश में डिजिटल जागरूकता और सुरक्षा को बढ़ावा देगा।