13 मई की महत्त्वपूर्ण घटनाओं, जन्मों और निधन से जुड़ी प्रमुख हस्तियों के बारे में ब्लॉग jankari
13 मई 1998 को भारत ने राजस्थान के पोखरण में दो और सफल परमाणु परीक्षण किए। ये परीक्षण 11 मई को हुए पहले तीन परीक्षणों के बाद हुए थे
13 मई की महत्त्वपूर्ण घटनाओं, जन्मों और निधन से जुड़ी प्रमुख हस्तियों के बारे में ब्लॉग jankari sabhi ki
13 मई की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
पोखरण परमाणु परीक्षण (1998)
13 मई 1998 को भारत ने राजस्थान के पोखरण में दो और सफल परमाणु परीक्षण किए। ये परीक्षण 11 मई को हुए पहले तीन परीक्षणों के बाद हुए थे। इसने भारत को वैश्विक परमाणु ताकतों की सूची में शामिल कर दिया। इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीव्र प्रतिक्रिया हुई, जिसमें अमेरिका और जापान ने कड़े प्रतिबंध लगाए। यह दिन भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों और सामरिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया।
मिस यूनिवर्स 1995 - चेल्सी स्मिथ
13 मई 1995 को अमेरिका की चेल्सी स्मिथ ने मिस यूनिवर्स का ताज जीता। वह न केवल सुंदरता की प्रतीक बनीं बल्कि उन्होंने सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। उनकी जीत ने विविधता और आत्मविश्वास की मिसाल पेश की।
भारत पर प्रतिबंध - 1998
पोखरण परीक्षण के बाद 13 मई 1998 को अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने भारत पर आर्थिक और सैन्य प्रतिबंधों की घोषणा की। जापान ने भारत को दी जाने वाली सहायता रोक दी। यह घटनाक्रम भारत की अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक स्थिति में बड़ा मोड़ साबित हुआ।
मिस यूनिवर्स 1998 - वेंडी फिट्जविलियम
13 मई 1998 को त्रिनिडाड एंड टोबैगो की वेंडी फिट्जविलियम ने मिस यूनिवर्स का खिताब जीता। उन्होंने सौंदर्य, बुद्धिमत्ता और सामाजिक सेवा में अपना प्रभाव छोड़ा। उनकी जीत ने छोटे देशों की प्रतिभा को वैश्विक मंच पर पहुंचाया।
जापानी पर्वतारोही की उपलब्धि (1999)
13 मई 1999 को जापान के नागुयी नामक युवक ने विश्व की सात सर्वोच्च चोटियों पर चढ़ाई पूरी की। 25 वर्ष की आयु में यह उपलब्धि प्राप्त कर वह सबसे कम उम्र का पर्वतारोही बना, जिसने यह कारनामा किया। यह मानव साहस और साहसी अभियान की मिसाल है।
लारा दत्ता - मिस यूनिवर्स 2000
13 मई 2000 को भारत की लारा दत्ता ने साइप्रस में आयोजित मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता जीती। उनकी जीत ने भारतीय सौंदर्य और प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। लारा बाद में बॉलीवुड में भी सफल अभिनेत्री के रूप में उभरीं।
रियाद आत्मघाती हमला (2003)
13 मई 2003 को सऊदी अरब के रियाद शहर में हुए आत्मघाती हमलों में 29 लोग मारे गए। यह हमला अल-कायदा से जुड़ा था और पश्चिमी देशों के दूतावासों व नागरिकों को निशाना बनाया गया। यह घटना वैश्विक आतंकवाद की भयावहता को दर्शाती है।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) का इस्तीफा (2008)
13 मई 2008 को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ के सभी नौ मंत्रियों ने जजों की बहाली की मांग को लेकर इस्तीफा दिया। यह घटना पाकिस्तान की राजनीति में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के लिए एक निर्णायक मोड़ था।
इला भट्ट को निवानो शांति पुरस्कार (2010)
भारतीय समाजसेविका इला भट्ट को 13 मई 2010 को जापान स्थित निवानो शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु 'सेवा' (SEWA) संस्था की स्थापना की। उनका कार्य दुनियाभर में महिला अधिकारों का प्रेरणास्रोत है।
वॉनाक्राय रैनसमवेयर हमला (2017)
13 मई 2017 को दुनिया भर के 100 से अधिक देश 'वॉनाक्राय' रैनसमवेयर के साइबर हमले से प्रभावित हुए। इस हमले ने हजारों कंप्यूटरों को लॉक कर फिरौती मांगी। यह घटना डिजिटल सुरक्षा के प्रति वैश्विक चेतावनी बन गई।
13 मई को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति
मथुरा प्रसाद मिश्र वैद्य (1901)
मथुरा प्रसाद मिश्र वैद्य एक स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया। वह साहित्य और पत्रकारिता के माध्यम से जनजागरण करते रहे। उनका जीवन देशभक्ति और सेवा भावना का प्रतीक रहा।
फ़ख़रुद्दीन अली अहमद (1905)
भारत के पाँचवें राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद का जन्म 13 मई 1905 को हुआ था। उनके कार्यकाल में ही आपातकाल (1975) की घोषणा हुई, जिससे उनकी लोकप्रियता प्रभावित हुई। वह भारतीय राजनीति में एक संवैधानिक व्यक्तित्व थे।
सच्चिदानंद राउतराय (1916)
उड़िया साहित्यकार सच्चिदानंद राउतराय ने कविता, उपन्यास और निबंध के माध्यम से ओड़िया साहित्य को समृद्ध किया। उनकी रचनाओं में सामाजिक सरोकार, राष्ट्रप्रेम और मानवीय संवेदनाएं झलकती हैं। उन्हें कई साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
असित सेन (1917)
हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय हास्य अभिनेता असित सेन का जन्म 13 मई 1917 को हुआ। उन्होंने सैकड़ों फिल्मों में अपने हास्य अभिनय से दर्शकों को खूब हंसाया। उनका सरल और स्वाभाविक अभिनय आज भी लोगों को याद आता है।
टी. बालासरस्वती (1918)
भारतनाट्यम की महान नृत्यांगना टी. बालासरस्वती का जन्म इसी दिन हुआ था। उन्होंने शास्त्रीय नृत्य को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई। उनके नृत्य में कला, आध्यात्मिकता और तकनीक का अद्भुत संगम था।
रवि शंकर (1951)
आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर का जन्म 13 मई 1951 को हुआ। उन्होंने 'आर्ट ऑफ लिविंग' संस्था की स्थापना की और विश्वभर में योग, ध्यान और सेवा कार्यों का प्रसार किया। वे मानवता और शांति के दूत माने जाते हैं।
बिशन सिंह चुफाल (1955)
उत्तराखंड के नेता बिशन सिंह चुफाल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सदस्य हैं। वे राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं और विभिन्न मंत्रालयों का कार्यभार संभाल चुके हैं।
कैलाश विजयवर्गीय (1956)
भारतीय जनता पार्टी के प्रभावशाली नेता कैलाश विजयवर्गीय का जन्म भी 13 मई को हुआ। वे मध्यप्रदेश में कई बार विधायक रह चुके हैं और राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी भूमिका अहम है। वे संगठन कौशल के लिए प्रसिद्ध हैं।
रोनाल्ड रॉस (1857)
ब्रिटिश चिकित्सक सर रोनाल्ड रॉस ने मलेरिया के परजीवी जीवन चक्र की खोज की। इस कार्य के लिए उन्हें 1902 में नोबेल पुरस्कार मिला। उनका योगदान चिकित्सा विज्ञान में मील का पत्थर है।
13 मई को हुए निधन
इंदु जैन (2021)
टाइम्स ऑफ इंडिया समूह की चेयरपर्सन इंदु जैन भारतीय मीडिया उद्योग की एक शक्तिशाली शख्सियत थीं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, योग और आध्यात्मिकता को भी जीवन में महत्व दिया। उनका निधन भारतीय पत्रकारिता के लिए बड़ी क्षति रहा।
बाबा हरदेव सिंह (2016)
संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक गुरु बाबा हरदेव सिंह ने प्रेम, शांति और मानवता का संदेश दिया। वे लाखों अनुयायियों के आध्यात्मिक पथप्रदर्शक थे। उनका निधन एक अध्यात्मिक युग के अंत जैसा माना गया।
हेमलता गुप्ता (2006)
डॉ. हेमलता गुप्ता एक प्रतिष्ठित भारतीय चिकित्सक थीं। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए और महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया। उनकी सेवाओं को आज भी याद किया जाता है।
आर. के. नारायण (2001)
भारतीय अंग्रेज़ी साहित्य के महान लेखक आर. के. नारायण की कहानियाँ भारतीय जीवन की सरलता को प्रतिबिंबित करती हैं। 'मालगुड़ी डेज़' उनकी अमर कृति है। उनका लेखन आज भी पाठकों के मन को छूता है।
बादल सरकार (2011)
प्रसिद्ध रंगमंच निर्देशक, नाटककार और अभिनेता बादल सरकार ने 'थर्ड थिएटर' की अवधारणा को जन्म दिया। उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर अनेक प्रयोगधर्मी नाटक लिखे। वे भारतीय रंगमंच के स्तंभ माने जाते हैं।
बीर भान भाटिया (1962)
डॉ. बीर भान भाटिया एक प्रमुख चिकित्सक थे जिन्होंने चिकित्सा शिक्षा और सेवा में अतुलनीय योगदान दिया। वे भारत में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को स्थापित करने वालों में से एक थे।
हसरत मुहानी (1951)
प्रसिद्ध शायर हसरत मुहानी ने "इंकलाब ज़िंदाबाद" जैसा नारा दिया और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। उनकी शायरी में इश्क़, क्रांति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम है।
रामकृष्ण देवदत्त भांडारकर (1950)
प्रसिद्ध पुरातत्वविद और इतिहासकार डॉ. भांडारकर ने भारतीय इतिहास, विशेषकर प्राचीन काल के अध्ययन में अहम योगदान दिया। उनकी शोध भारतीय संस्कृति को समझने का आधार बनी।
मलिक अम्बर (1626)
मलिक अम्बर मध्यकालीन भारत के एक प्रमुख राजनीतिज्ञ और रणनीतिकार थे। उन्होंने अहमदनगर सल्तनत की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अफ्रीकी मूल के होते हुए भी वे भारतीय राजनीति में प्रभावशाली स्थान रखते थे।