जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज की समाधि: प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक

जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज की समाधि: प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक

जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज की समाधि: प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक

जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज का निधन दुनिया भर में गहरा शोक उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने शनिवार रात चिक्कोड़ी, कर्नाटक में समाधि लेने के बाद देशभर में जैन समाज के लोगों को आज दुकानें बंद करने का आदान-प्रदान किया है। उनका जन्म 1946 में हुआ था और वे जैन धर्म के दिगंबर मुनि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के रूप में माने जाते थे।

तीन दिनों से उपवास और मौन धारण में रहकर आचार्य विद्यासागर महाराज ने शनिवार रात 2:35 बजे चन्द्रगिरि तीर्थ में समाधि लेना चुना। इससे पहले उन्होंने आचार्य पद का त्याग किया और शिष्यों को मुनि श्री समय सागर महाराज को अपने उत्तराधिकारी घोषित करते हुए उन्हें आचार्य पद देने की घोषणा की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घड़ी में अपने सोशल मीडिया एकाउंट के माध्यम से अपना शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा, "आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी का ब्रह्मलीन होना देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। लोगों में आध्यात्मिक जागृति के लिए उनके बहुमूल्य प्रयास सदैव स्मरण किए जाएंगे। वे जीवनपर्यंत गरीबी उन्मूलन के साथ-साथ समाज में स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देने में जुटे रहे।"

पिछले वर्ष, पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ के चंद्रगिरी जैन मंदिर में आचार्य विद्यासागर जी से मिले थे और उनके साथ भेंट की थी। मोदी ने उनके साथी बनने के बाद से ही उनका समर्थन प्राप्त किया था और उनके योगदान की महत्ता को समझते थे।

आचार्य विद्यासागर महाराज के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके शिष्यों ने देशभर से चंद्रगिरि तीर्थ पहुंचने का निर्णय किया है। उनकी आत्मा को शांति मिले, यही कामना करता हूँ।