सजग होकर राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य – दत्तात्रेय होसबाले जी

काशी, 24 जनवरी। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर के स्वतंत्रता भवन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि ईश्वर की कृपा एवं अपने प्रयत्न से युवा राष्ट्र का पुनर्निर्माण करेंगे। किसान सारे प्रयत्न करता है, पर ईश्वर ने यदि […] The post सजग होकर राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य – दत्तात्रेय होसबाले जी appeared first on VSK Bharat.

Jan 25, 2026 - 08:38
 0
सजग होकर राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य – दत्तात्रेय होसबाले जी

काशी, 24 जनवरी। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर के स्वतंत्रता भवन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि ईश्वर की कृपा एवं अपने प्रयत्न से युवा राष्ट्र का पुनर्निर्माण करेंगे। किसान सारे प्रयत्न करता है, पर ईश्वर ने यदि वर्षा और धूप नहीं दी तो कोई लाभ नहीं होता। इसी प्रकार ईश्वर द्वारा प्रदत्त वर्षा और धूप होने के बाद भी यदि किसान प्रयत्न न करे तो अन्न नहीं पैदा हो सकता।

उन्होंने कहा कि काशी के निवासियों को तीन विषयों पर सर्वाधिक गर्व होता है। प्रथम गंगा जी, दूसरा श्री काशी विश्वनाथ जी और तीसरा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय। इसमें से दो रचनाएं भगवत कृपा से हैं और एक मनुष्य का प्रयत्न है। ईश्वर की कृपा और मनुष्य का प्रयत्न दोनों ही किसी भी कार्य को करने के लिए आवश्यक हैं। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय की ही तरह 1909 में जमशेद जी टाटा ने भारतीय विज्ञान संस्थान की स्थापना की।

जिसके प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद रहे। महामना मालवीय, जमशेदजी टाटा एवं विवेकानंद जैसे महापुरुषों ने शिक्षा, विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में पराधीन भारत में भी विद्यार्थियों को स्वतंत्र बुद्धि का प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया। अनेकों बार भारत के बारे में विकृत इतिहास प्रस्तुत किया जाता है, परंतु धर्मपाल नाम के एक बड़े गांधीवादी विचारक ने अपनी पुस्तक ब्यूटीफुल ट्री में भारतीय शिक्षा प्रणाली के गुणों का वर्णन किया है। प्राचीन भारतीय ग्रंथों में केवल धर्म परंपरा का संग्रह नहीं है, अपितु आज हम जिसे आधुनिक विज्ञान कहते हैं, उस ज्ञान परंपरा का भी संग्रह है। भारतीय वांग्मय में धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष सभी विषयों के बारे में चिंतन मंथन हुआ है।

प्राचीन भारतीय समाज का उदाहरण देते हुए सरकार्यवाह जी ने कहा कि भारत का समाज कुटुम्ब व्यवस्था, ग्रामीण व्यवस्था, लोकतंत्र व्यवस्था में अत्यंत विकसित था। विश्व बंधुत्व की चर्चा करते हुए कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम कहने का भारत को नैतिक अधिकार है क्योंकि हजारों वर्षों के इतिहास में भारत ने कभी किसी दूसरे राष्ट्र का शोषण नहीं किया। सैकड़ों वर्षों से भारत में पारसी, यहूदी एवं तिब्बती शरणार्थियों ने शरण ली है। परम पावन दलाई लामा ने भारत के संदर्भ में कहा है कि भारत गुरु है और तिब्बत उसका शिष्य है। भारत की इच्छा कभी भी शक्ति के बल पर दादागिरी करने की नहीं रही है।

राष्ट्र के वर्तमान परिदृश्य पर उन्होंने कहा कि भारत विरोधी शक्तियां प्रति क्षण जागृत रहती हैं। अतः बिना कानून को हाथ में लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह सजग रहकर राष्ट्र की सुरक्षा का कार्य करता रहे, स्वतंत्रता की कीमत जागरूकता है। नैतिकता, चरित्र और शील व्यक्ति को घर, शिक्षा और समाज से प्राप्त होना चाहिए। जबकि व्यक्ति के रोटी, कपड़ा और मकान जैसी भौतिक आवश्यकता की पूर्ति भी आवश्यक है।

जिज्ञासा समाधान में बांग्लादेश के प्रश्न पर कहा कि स्वयंसेवकों ने बांग्लादेश के हिन्दुओं के समर्थन में जागृति फैलाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। युवाओं का राष्ट्र निर्माण में योगदान पर कहा कि अपने व्यक्तिगत कार्यों में भी देश को कुछ देने की भावना होनी चाहिए।

कार्यक्रम अध्यक्ष काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजीत चतुर्वेदी जी ने कहा कि जब युवा-विद्यार्थी सोशल मीडिया पर समाचार देखते हैं तो उन्हें यह भ्रम होता है कि समाज में बहुत ज्यादा बुरे लोग हैं। इस प्रकार का भ्रम उचित नहीं है। समाज में कई लोग मर्यादित आचरण करने वाले, अपने परिवार के संस्कारों को आगे बढ़ाने वाले हैं। उन्होंने आह्वान किया कि विद्यार्थी किसी भी कार्य क्षेत्र में जाएं तो यह प्रयास करें कि भारतीय ज्ञान परंपरा का ज्ञान समाज में बांटा जा सके।

विभाग संघचालक प्रो. जयप्रकाश लाल जी मंचासीन रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ महामना मालवीय जी के चित्र पर माल्यार्पण, भारत माता, डॉ. साहब एवं श्री गुरूजी के चित्र पर पुष्पांजलि से हुआ।

The post सजग होकर राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य – दत्तात्रेय होसबाले जी appeared first on VSK Bharat.

UP HAED सामचार हम भारतीय न्यूज़ के साथ स्टोरी लिखते हैं ताकि हर नई और सटीक जानकारी समय पर लोगों तक पहुँचे। हमारा उद्देश्य है कि पाठकों को सरल भाषा में ताज़ा, विश्वसनीय और महत्वपूर्ण समाचार मिलें, जिससे वे जागरूक रहें और समाज में हो रहे बदलावों को समझ सकें।