समाज के लिए ऐतिहासिक अवसर हैं नए आपराधिक कानून
देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह से बदलने के लिए नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम एक जुलाई से लागू होंगे।
समाज के लिए ऐतिहासिक अवसर हैं नए आपराधिक कानून
आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़े बदलाव के लिए देश तैयार : सीजेआइ, कहा-पीड़ितों के हितों की रक्षा करने और अपराधों की जांच के लिए बहुत जरूरी था यह सुधार
प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने ड़ ने नए आपराधिक न्याय कानूनों को समाज के लिए ऐतिहासिक अवसर बताते हुए शनिवार को कहा कि देश अपनी आपराधिक न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने 'आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रशासन में भारत का प्रगतिशील पथ' विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि नए कानून तभी सफल होंगे जब वे लोग इन्हें अपनाएंगे, जिन पर इन्हें लागू करने का जिम्मा है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि नए कानूनों के कारण आपराधिक न्याय संबंधी भारत के कानूनी ढांचे ने नए युग में प्रवेश किया है। पीड़ितों के हितों की रक्षा करने और अपराधों की जांच एवं अभियोजन में कुशलता के लिए बहुत जरूरी सुधार किए गए हैं।
सीजेआइ ने कहा, भारत तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन के जरिये अपनी आपराधिक न्याय प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव के लिए तैयार है। ये कानून हमारे समाज के लिए एक ऐतिहासिक अवसर हैं, क्योंकि कोई भी अन्य कानून हमारे समाज के दिन-प्रतिदिन के आचरण को आपराधिक कानून जितना प्रभावित नहीं करता। संसद द्वारा इन कानूनों को पारित किया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है। वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए नए कानूनी उपकरणों की जरूरत है। बताते चलें, देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह से बदलने के लिए नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम एक जुलाई से लागू होंगे।
सीजेआइ ने भारतीय साक्ष्य संहिता पर राज्यसभा की स्थायी समिति की 248वीं रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली ने हमारे सामाजिक-आर्थिक परिवेश में प्रौद्योगिकी संबंधी बड़े परिवर्तनों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए संघर्ष किया है। बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) डिजिटल युग में अपराधों से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को शामिल करती है। तलाशी और जब्ती की आडियो-विजुअल रिकार्डिंग नागरिकों की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण उपकरण है।