देश की पहली महिला मरीन इंजीनियर बनीं सोनाली बनर्जी

1999 में आज ही सोनाली बनर्जी देश की पहली महिला मरीन इंजीनियर बनी थीं। सोनाली ने कोलकाता के मरीन इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट में 1500 कैडेट्स में अकेली महिला कैडेट के रूप में अपना कोर्स पूरा किया था। ट्रेनिंग के बाद 2001 में जहाज के मशीन रूम का कार्यभार संभाला।

देश की पहली महिला मरीन इंजीनियर बनीं सोनाली बनर्जी

1999 में आज ही सोनाली बनर्जी भारत की पहली महिला मरीन इंजीनियर बनीं। कोलकाता के मरीन इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट से उन्होंने अपने कोर्स को 1500 कैडेट्स में एकमात्र महिला कैडेट के रूप में पूरा किया।

सोनाली के इस सफर ने देशभर में महिलाओं के लिए मरीन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नए द्वार खोले। ट्रेनिंग के बाद, 2001 में उन्होंने जहाज के मशीन रूम का कार्यभार संभालते हुए समुद्र में अपने करियर की शुरुआत की।

उनका यह योगदान न केवल उनके लिए बल्कि सभी महिलाओं के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ। सोनाली बनर्जी ने साबित किया कि महिलाओं के लिए कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है।