गांव गोवलपतीपुरा के रहने वाले प्रिंस गंगवार, भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर
यूपीएससी के माध्यम से आयोजित वायुसेना की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल की
गांव के प्रिंस गंगवार बने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर
25–30 लाख के सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पैकेज को छोड़ चुनी देश सेवा
पीलीभीत जिले के बीसलपुर तहसील के छोटे से गांव गोवलपतीपुरा के रहने वाले प्रिंस गंगवार ने अपनी मेहनत और लगन से परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। प्रिंस अब भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बन गए हैं।
प्रिंस की शुरुआती पढ़ाई गांव के प्राथमिक विद्यालय से हुई। कक्षा पांच तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने दिल्ली के आर्मी पब्लिक स्कूल से आगे की शिक्षा हासिल की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रिंस को कई बड़ी कंपनियों से सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर 25 से 30 लाख रुपये सालाना तक के पैकेज के ऑफर मिले। लेकिन प्रिंस का सपना कुछ और था। बचपन से ही उनके मन में देश की सेवा करने और सेना में अधिकारी बनने की इच्छा थी। इसलिए उन्होंने अच्छी-खासी नौकरी का मौका छोड़कर वायुसेना में जाने की तैयारी शुरू कर दी।
जून 2025 में उन्होंने यूपीएससी के माध्यम से आयोजित वायुसेना की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल की। इसके बाद बेंगलुरु में कठिन ट्रेनिंग पूरी कर उन्होंने फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली।
प्रिंस को देश सेवा का संस्कार अपने पिता सूबेदार मेजर महेश चंद्र से मिला है, जो भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं। उनकी सफलता पूरे गांव और जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा है।